ताले में कैद रही डाक विभाग की जिम्मेदारी, एक घंटे तक ग्रामीण करते रहे इंतजार


झिलाय डाकघर समय पर नहीं खुलने से ग्रामीणों में रोष, शिकायत के बाद जागा विभाग

निवाई (सच्चा सागर)।  भारत सरकार का डाक विभाग आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों लोगों की बचत, पेंशन, आधार सेवाओं और अन्य आवश्यक कार्यों का महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है, लेकिन जब स्वयं विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी ही अपनी जिम्मेदारियों को ताले में बंद कर दें तो आमजन की परेशानी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसा ही एक मामला शनिवार को निवाई उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत झिलाय में देखने को मिला, जहां निर्धारित समय पर डाकघर नहीं खुलने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह डाकघर खुलने के निर्धारित समय पर ग्रामीण अपने जरूरी कार्यों को लेकर डाकघर पहुंचे, लेकिन वहां का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। डाकघर के मुख्य द्वार पर ताले लटक रहे थे और परिसर में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा लग रहा था मानो सरकारी सेवा नहीं, बल्कि किसी निजी दुकान के खुलने का इंतजार किया जा रहा हो। ग्रामीण श्याम प्रजापत, रामअवतार स्वामी और हेमराज अणतपुरा ने बताया कि वे सुबह करीब 10 बजे डाकघर पहुंचे थे, लेकिन वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब स्थिति जस की तस रही तो ग्रामीणों ने जिला डाकघर अधीक्षक संग्राम भंसाली को दूरभाष पर इसकी जानकारी दी। शिकायत के बाद मानो विभाग की नींद खुली और करीब 11 बजे जाकर डाकघर के ताले खुले। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और अपने कार्य निपटा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। डाकघर कर्मचारियों का समय पर नहीं पहुंचना अब लगभग नियमित व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। उनका कहना है कि सरकारी नियम-कायदों की बातें तो कागजों में खूब दिखाई देती हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। ग्रामीणों ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि आम नागरिक अपने कार्यों में एक घंटे की देरी कर दे तो उसे जुर्माना, दंड या अन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों की देरी पर शायद समय भी सवाल पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। ग्रामीणों ने बताया कि डाकघर के माध्यम से उन्हें बैंकिंग, बचत खाते, पेंशन और अन्य कई जरूरी सेवाएं प्राप्त होती हैं। ऐसे में कर्मचारियों की लापरवाही का सीधा असर आमजन पर पड़ता है। समय पर सेवाएं नहीं मिलने से लोगों का कीमती समय और श्रम दोनों बर्बाद होते हैं। ग्रामीणों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि झिलाय डाकघर में समय पालन सुनिश्चित किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। ताकि ग्रामीणों को बार-बार इस प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े और भारत सरकार की जनकल्याणकारी सेवाएं वास्तव में आमजन तक समय पर पहुंच सके।

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