अवैध बजरी खनन को लेकर पुलिस और बजरी माफियाओं में झड़प, सरकारी वाहन में तोड़फोड़, 17 गिरफ्तार
दतवास। दतवास थाना क्षेत्र के अगरपुरा गांव में शुक्रवार को अवैध बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और बजरी माफियाओं के बीच जमकर झड़प हो गई। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस द्वारा जब्त की गई अवैध बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ाने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस के सरकारी वाहन में तोड़फोड़ कर दी, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 13 पुरुषों और 4 महिलाओं सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कई आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दतवास थाना पुलिस को क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अगरपुरा गांव के समीप कार्रवाई करते हुए अवैध बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। पुलिस जब वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई कर रही थी, तभी बजरी कारोबार से जुड़े कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ाने का प्रयास करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ने पर कुछ लोगों ने उग्र रूप धारण कर लिया तथा पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकारी वाहन में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया तथा पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी) रवि प्रकाश शर्मा मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा निवाई थानाधिकारी घासीराम, सदर थानाधिकारी राजेंद्र प्रसाद सहित आसपास के थानों का पुलिस बल भी घटनास्थल पर पहुंच गया। सर्किल के सभी थानाधिकारियों को भी एहतियातन मौके पर बुलाया गया, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस ने उपद्रव करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 13 पुरुषों और 4 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस पर दबाव बनाने, जब्त वाहन छुड़ाने का प्रयास करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा किसी भी प्रकार के दबाव या विरोध के बावजूद कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है। क्षेत्र में अवैध बजरी खनन लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। समय-समय पर पुलिस और खनन विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन का कारोबार पूरी तरह थम नहीं पाया है। शुक्रवार को हुई घटना ने एक बार फिर अवैध बजरी कारोबार से जुड़े तत्वों के हौसलों को उजागर कर दिया है। डीवाईएसपी रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि पुलिस पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।
