पांचना बांध विवाद पर सभी पक्षों से वार्ता कर निकाले सरकार समाधान : सचिन पायलट

 पांचना बांध विवाद पर सभी पक्षों से वार्ता कर निकाले सरकार समाधान : सचिन पायलट


जयपुर (सच्चा सागर)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पांचना बांध विवाद के समाधान के लिए राज्य सरकार से सभी पक्षों के साथ संवाद स्थापित कर सर्वसम्मति से रास्ता निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे किसी भी क्षेत्र के लोगों के हित प्रभावित न हों और सामाजिक सौहार्द बना रहे। पायलट ने कहा कि पांचना बांध का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। इस मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों की अपनी-अपनी मांगें और चिंताएं हैं। नदी किनारे बसे 360 गांवों के किसानों का भी अपना पक्ष है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में लेकर बातचीत करे तथा न्यायपालिका के निर्णयों का सम्मान करते हुए समाधान का मार्ग प्रशस्त करे। 

शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं पर उठाए सवाल

पायलट ने कहा कि हाल ही में कोटा में राहुल गांधी ने विद्यार्थियों के बीच शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं, कोचिंग व्यवस्था और निजी शिक्षण संस्थानों का आर्थिक बोझ सबसे अधिक मध्यमवर्गीय एवं ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये खर्च करने और वर्षों की मेहनत के बावजूद अधिकांश विद्यार्थियों को सफलता नहीं मिल पाती। इसके बाद उनके सामने रोजगार और भविष्य को लेकर अनिश्चितता खड़ी हो जाती है। ऐसे में जब परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा निरस्त होने, मूल्यांकन में गड़बड़ी और अन्य अनियमितताओं की घटनाएं सामने आती हैं तो युवाओं में निराशा और अविश्वास का माहौल पैदा होता है। पायलट ने कहा कि कई युवा मानसिक तनाव का सामना करने को मजबूर हो जाते हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। 

एसआई भर्ती में इंटरव्यू समाप्त करने की मांग

सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा को लेकर पायलट ने कहा कि देश के लगभग 14-15 राज्यों में इंटरव्यू प्रणाली समाप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जितने कम इंटरव्यू होंगे, उतनी ही कम छेड़छाड़ और अनियमितताओं की संभावना रहेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश के अनेक राज्यों में केवल मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है, तो राजस्थान में अब तक इंटरव्यू प्रणाली क्यों जारी है। पायलट ने राज्य सरकार से एसआई भर्ती में इंटरव्यू समाप्त कर केवल मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया लागू करने की मांग की, ताकि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं का विश्वास कायम रह सके।

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