संस्कृतमय वातावरण में सम्पन्न हुआ संस्कृत भारती का आवासीय भाषा बोधन वर्ग

 संस्कृतमय वातावरण में सम्पन्न हुआ संस्कृत भारती का आवासीय भाषा बोधन वर्ग


टोंक। संस्कृत भारती टोंक द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आवासीय भाषा बोधन वर्ग का समापन यज्ञ के बालाजी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में उत्साह, गरिमा एवं संस्कृतमय वातावरण के बीच समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ। समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि सतीश पाटीदार प्रधानाचार्य, संस्कृत विद्यालय सीतारामपुरा, मुख्य वक्ता कमलेश मीना विभाग संयोजक, संस्कृत भारती एवं विशिष्ट अतिथि तुलसीदास सह बौद्धिक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ किया गया। जिला मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह नरूका ने बताया कि तीन दिनों तक चले इस आवासीय वर्ग में प्रतिभागियों को संस्कृत संभाषण, योगाभ्यास, प्रात: स्मरण, विभक्ति अभ्यास, भाषा-क्रीड़ा, संस्कृत गीत, श्लोक पाठ, चर्चा सत्र, प्रतिभा प्रदर्शन एवं विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से संस्कृत की व्यवहारिक शिक्षा प्रदान की गई। समापन समारोह में वर्गार्थियों ने संस्कृत गीत, संस्कृत संभाषण, लघु नाटक, एकल अभिनय, वैदिक मंत्रोच्चारण, श्लोक पाठ, स्वस्तिवाचन एवं ध्येय मंत्र की मनोहारी प्रस्तुतियाँ देकर पूरे सभागार को देववाणी संस्कृत की मधुर ध्वनियों से गुंजायमान कर दिया। मुख्य अतिथि सतीश पाटीदार ने कहा कि संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन एवं अमूल्य भाषाओं में से एक है। यह हमारी ऋषि-मुनियों की ज्ञान परंपरा की वाहक एवं भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने समाज में संस्कृत के प्रचार-प्रसार हेतु संस्कृत भारती द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि तुलसीदास ने संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार है। मुख्य वक्ता कमलेश मीना ने संस्कृत भारती के राष्ट्रव्यापी कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन अब तक लगभग एक करोड़ से अधिक लोगों को संस्कृत संभाषण शिविरों के माध्यम से संस्कृत बोलना सिखा चुका है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारती का उद्देश्य संस्कृत को केवल अध्ययन की भाषा तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उसे जन-जन के व्यवहार की भाषा बनाना है। समारोह में सह मंत्री विमल कुमार जैन, शंकर लाल मीना एवं तहसील संयोजक संजय शर्मा ने अतिथियों एवं उपस्थित संस्कृत प्रेमियों का स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम का संस्कृत भाषा में प्रभावी संचालन वर्ग संयोजक महेश नारायण शास्त्री ने किया। अंत में जिला मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह नरूका ने आभार व्यक्त करते हुए टोंक में प्रथम बार आयोजित इस आवासीय भाषा बोधन वर्ग के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं, अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री विमल कुमार, प्रांत गण सदस्य अभिनव उपाध्याय, विभाग सह-संयोजक महेश नारायण शास्त्री, जिलाध्यक्ष दीनदयाल शर्मा, जिला मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह नरूका, सह मंत्री विमल कुमार जैन, शंकर लाल मीना, तहसील संयोजक संजय शर्मा, नीतू मित्तल, गिरधर सिंह राजावत, भूपेन्द्र सिंह, परमानंद वर्मा, कवि प्रदीप पंवार, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल शर्मा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुशील कुमार अग्रवाल, राजाराम शास्त्री, कपिल गंगवानी, सीमा गौतम, ओम प्रकाश खण्डेलवाल, लक्ष्मीकान्त गौतम, अनंत माथुर, विष्णु दाधीच, राजेश शर्मा, कमलेश शर्मा सहित संस्कृत भारती के अनेक कार्यकर्ता एवं संस्कृत अनुरागी उपस्थित रहे।

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