सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण, पीडि़त महिलाओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
टोंक। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव दिनेश कुमार जलुथरिया ने शनिवार को राजकीय महिला चिकित्सालय टोंक स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का मासिक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश जलुथरिया ने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार निर्भया योजना के तहत संचालित वन स्टॉप सेंटरों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में टोंक मुख्यालय स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में दो आश्रित किशोरियां आवासित पाई गईं, जिनकी आयु क्रमश: 15 वर्ष एवं 16 वर्ष है तथा जिन्हें पुलिस थाना अलीगढ़ द्वारा दस्तयाब किया गया था। सचिव ने केंद्र के कार्मिकों को आश्रित किशोरियों के साथ संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार रखने, उनकी गोपनीयता बनाए रखने तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, रजिस्टर संधारण, आवासित पीडि़त महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा, भोजन व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं तथा परामर्श सेवाओं की गुणवत्ता का अवलोकन कर स्टाफ से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। न्यायाधीश जलुथरिया ने वन स्टॉप सेंटर के समस्त स्टाफ को निर्देशित किया कि केंद्र की स्थापना की मूल भावना के अनुरूप सहायता के लिए आने वाली प्रत्येक महिला एवं किशोरी को समय पर समुचित सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीडि़ता को विधिक सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक को सूचित किया जाए, जिससे समय पर आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक पीडि़त महिलाओं एवं किशोरियों के अधिकारों की सुरक्षा एवं उन्हें न्याय दिलाने के लिए सदैव तत्पर एवं कार्यशील है।
