2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए विशेष प्रावधान की मांग, ABRSM ने केंद्र को लिखा पत्र*

 *2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए विशेष प्रावधान की मांग, ABRSM ने केंद्र को लिखा पत्र*  






*टोंक। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) जिला टोंक ने 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. महासंघ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर तृतीय श्रेणी शिक्षकों को टेट परीक्षा से मुक्त करने की माँग की है।


महासंघ के जिलाध्यक्ष दिनेश चन जूझी और जिला मंत्री नंदर लाल वैष्णव के हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि NCTE द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी टीईटी संबंधी अधिसूचना और उसके बाद के न्यायिक निर्णयों से 2010 से पूर्व नियुक्त लाखों शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता और भविष्य पर अनिश्चितता मंडरा रही है.  


पत्र में संगठन ने छह बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा:  

1. 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय के नियमों के अनुसार पूर्णतः वैध थीं.  

2. बाद में निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायसंगत नहीं.  

3. दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और योगदान को महत्व दिया जाए.  

4. अनिश्चितता से शिक्षकों का मनोबल और शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता प्रभावित होगी.  

5. संसद या केंद्र सरकार विधायी या नीतिगत हस्तक्षेप कर इन शिक्षकों को संरक्षण दे सकती है.  

6. पूर्व प्रभाव से पात्रता लागू करने पर न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों पर पुनर्विचार जरूरी है.  


महासंघ ने मांग की है कि 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए और उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति व अन्य लाभों को पूर्ण संरक्षण दिया जाए. साथ ही संसद में आवश्यक विधायी संशोधन लाकर और राज्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस दूर किया जाए.  


संगठन ने विश्वास जताया कि राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले इन शिक्षकों के साथ सरकार संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाएगी. पत्र की प्रति ABRSM के प्रदेश कार्यालय जयपुर से जारी की गई है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार कुर्मी, जिला मंत्री भंवर लाल वैष्णव, जगदीश गुजर,  रेखा कोठारी, अरविंद सिंह सोलंकी सहित काफी संख्या में शिक्षक नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रट पहुंचे। जिलाध्यक्ष दिनेश चन्द्र कुर्मी के नैतृत्व में प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री भारत सरकार के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर विनोद कुमार मीणा को ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी के जगदीश लाल गुर्जर, संभाग मीडिया प्रभारी कालूराम माली, प्रार्थना प्रकोष्ठ सदस्य देवराज सिंह , जिला सभाध्यक्ष दुर्गा लाल गुर्जर, जिला मन्त्री भंवर लाल वैष्णव, अतिरिक्त जिला मन्त्री लक्ष्मण मीना ,ज़िला कोषाध्यक्ष विमल कुमार विजय, खंड टोंक अध्यक्ष सोहन लाल शर्मा, मंत्री नरेंद्र कुमार शर्मा, निवाई खंड अध्यक्ष सुवा लाल मीणा, खंड मालपुरा अध्यक्ष बंशीलाल शर्मा, मन्त्री मुकेश कुमार नामा,देवली खंड अध्यक्ष नवीन कुमार गौतम, खंड उनियारा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गोड़, मन्त्री ललित कुमार गौतम, खंड पीपलू अध्यक्ष अरविंद कुमार त्रिपाठी, मन्त्री रमेश चन्द गुर्जर,खंड टोडा रायसिंह अध्यक्ष किस्तूर माली, मन्त्री सत्यनारायण साहू सहित राजेन्द्र कुमार विजय, सुरेन्द्र भारद्वाज, राजेन्द्र कुमार शर्मा,दिनेश सोनी,ओमप्रकाश शर्मा, शिवजी लाल कीर , शंकर लाल शर्मा, कैलाश प्रजापत , राजेन्द्र कुमार महावीर, कैलाश शर्मा, उमेश कुमार नामा, विकास विजय,रेखा जैन ,रेखा कोठारी, सुरेन्द्र कुमार शर्मा, चन्द्रमणी गौतम, सरस्वती टाक,योगिता शर्मा, अशोक छानीवाल ,अनिल कुमार पाटीदार,सहित जिले के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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