पहाड़ी से शुरू हुई कलश यात्रा, किसानों ने सिंचाई व्यवस्था की मांग उठाई
निवाई (सच्चा सागर)। निवाई उपखंड क्षेत्र में नहर की मांग को लेकर किसानों द्वारा ‘जल यात्रा’ के माध्यम से आंदोलन का आगाज किया गया। किसान संगठनों ने कलेक्टर टोंक के माध्यम से सरकार को नहर परियोजना का प्रस्ताव भेजने की मांग उठाते हुए कहा कि निवाई उपखंड में सिंचाई की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है और किसान आज भी वर्षाजल पर निर्भर हैं। पहाड़ी पंचायत मुख्यालय स्थित तेजाजी मंदिर से माता जी मंदिर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। करीब दो घंटे तक गांव की परिक्रमा करते हुए यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर भजन गाते हुए भाग लिया। 41 डिग्री तापमान और तेज गर्मी के बावजूद यात्रा में उत्साह बना रहा। ग्रामीणों ने घर-घर से ठंडा पानी पिलाकर यात्रियों का स्वागत किया। आयोजन में करीब 300 घरों की भागीदारी रही। सभा को संबोधित करते हुए किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि ‘खेत को पानी, फसल को दाम और युवाओं को काम’ ही देश की समृद्धि का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि किसान की समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि निवाई तहसील से बीसलपुर का पानी ब्यावर तक और ईसरदा का पानी जयपुर तक पहुंच रहा है, लेकिन स्थानीय गांव आज भी पानी के लिए तरस रहे हैं। इसे उन्होंने सरकार की गलत जल नीतियों का परिणाम बताया। सभा में जल यात्रा संयोजक दशरथ सिंह चौहान, पहाड़ी ग्राम संयोजक राजाराम, मनीष साहू एवं युवा प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी का आभार जताया गया। कार्यक्रम में किसान महापंचायत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोतास बोहरा, राष्ट्रीय महासचिव अकबर खान, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, वीरेंद्र क्रांतिकारी, शेर सिंह दहिया, सरजीत सिंह सहित विभिन्न किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रथम दिवस की यात्रा पहाड़ी, खंडवा, अभ्यपुरा, पराना, नटवाड़ा, सिरस, बस्सी, खोडा का खेड़ा, बहड़ एवं जामडोली गांवों तक पहुंचेगी, जहां रात्रि सभाओं के माध्यम से किसानों को पानी के लिए संघर्ष हेतु संकल्पित किया जाएगा। किसानों ने बताया कि वर्ष 2022 से लगातार नहर की मांग को लेकर संघर्ष किया जा रहा है। उपखंड अधिकारी निवाई द्वारा भी सरकार को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया गया था। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो जल यात्रा के बाद बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
