झिलाय ग्राम पंचायत में सफाई श्रमिकों का शोषण, श्रमिकों ने लगाई गुहार


निवाई (सच्चा सागर)।
पंचायत समिति निवाई क्षेत्र की ग्राम पंचायत झिलाय में कार्यरत सफाई श्रमिकों ने सोमवार को उपखण्ड अधिकारी को राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के नाम ज्ञापन सौंपकर ग्राम पंचायत में कार्यरत ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से श्रमिकों ने ईएसआई/पीएफ का लाभ, साप्ताहिक अवकाश, समय पर मजदूरी भुगतान तथा श्रमिकों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।  

निविदा शर्तों का नहीं हो रहा पालन

श्रमिकों ने बताया कि पंचायत समिति निवाई द्वारा वर्ष 2024-25 में जारी ई-निविदा के तहत ग्राम पंचायत झिलाय में सफाई कार्य का ठेका एक निजी फर्म को दिया गया था। निविदा की शर्तों में स्पष्ट रूप से श्रमिकों को ईएसआई/ पीएफ सुविधा, साप्ताहिक अवकाश और समय पर वेतन भुगतान का प्रावधान किया गया था, लेकिन ठेकेदार द्वारा इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

2-3 माह की देरी से मिल रही मजदूरी

श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें हर माह के प्रथम सप्ताह में वेतन देने के बजाय 2 से 3 महीने की देरी से भुगतान किया जाता है। इसके अलावा उन्हें सप्ताह में एक दिन का अवकाश भी नहीं दिया जा रहा, जिससे श्रमिकों में भारी नाराजगी है।

ईएसआई/पीएफ का लाभ भी नहीं

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि ठेकेदार द्वारा आज तक किसी भी श्रमिक का ईएसआई/पीएफ नहीं काटा गया और न ही इसका कोई लाभ दिया गया है, जबकि यह निविदा की अनिवार्य शर्तों में शामिल है। 

कम संख्या में श्रमिक, बढ़ रहा कार्यभार

ग्राम पंचायत झिलाय की आबादी करीब 11 से 12 हजार है, लेकिन यहां केवल 9 सफाई श्रमिक, 2 कचरा वाहन चालक और 1 सुपरवाइजर कार्यरत हैं। श्रमिकों का कहना है कि यह संख्या गांव की जरूरत के हिसाब से काफी कम है, जिससे काम का दबाव बढ़ रहा है और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।  

सरकार से हस्तक्षेप की मांग

श्रमिकों ने मंत्री से मांग की है कि फरवरी 2025 से अब तक का बकाया ईएसआई/पीएफ लाभ दिलाया जाए, साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए, समय पर वेतन भुगतान कराया जाए और गांव की आबादी के अनुसार सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। इधर ज्ञापन देने वालों में मिनाक्षी, रविन्द्र, प्रेमप्रकाश, मधु, संतोष, निखिल, मोहित, गुड्डी, कृष्णा, अनिल, निर्मला, आंसू सहित अनेक श्रमिक मौजूद रहे।         


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