टोंक (सच्चा सागर)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के तत्वावधान में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ फ्लैगशिप कार्यक्रम के अंतर्गत जिलेभर के विद्यालयों में व्यापक स्तर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उन्हें उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक की अध्यक्ष डॉ. सीमा अग्रवाल ने पदभार ग्रहण करने के उपरांत बच्चों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिटी नंबर 12, टोंक में आयोजित शिविर में सहभागिता की। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया भी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. सीमा अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी वर्तमान के जागरूक नागरिक हैं और उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव, बुलिंग या अन्य समस्या को छिपाने के बजाय साझा करना समाधान की दिशा में पहला कदम है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में शिकायत पेटिकाएं स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याएं गोपनीय रूप से साझा कर सकते हैं और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश कुमार जलुथरिया ने बताया कि शिविरों में ‘एम्पावरिंग यूथ’ एवं ‘साइबर जागरूकता (स्टे सेफ ऑनलाइन)’ विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही साइबर अपराधों जैसे साइबर बुलिंग, फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन स्टॉकिंग, बिना अनुमति फोटो साझा करना, धमकी एवं ब्लैकमेलिंग के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930, बाल संरक्षण हेतु चाइल्डलाइन 1098 तथा नि:शुल्क विधिक सहायता हेतु नालसा हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई। इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। यह कार्यक्रम आगामी समय में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
टोंक (सच्चा सागर)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के तत्वावधान में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ फ्लैगशिप कार्यक्रम के अंतर्गत जिलेभर के विद्यालयों में व्यापक स्तर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उन्हें उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक की अध्यक्ष डॉ. सीमा अग्रवाल ने पदभार ग्रहण करने के उपरांत बच्चों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिटी नंबर 12, टोंक में आयोजित शिविर में सहभागिता की। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया भी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. सीमा अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी वर्तमान के जागरूक नागरिक हैं और उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव, बुलिंग या अन्य समस्या को छिपाने के बजाय साझा करना समाधान की दिशा में पहला कदम है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में शिकायत पेटिकाएं स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याएं गोपनीय रूप से साझा कर सकते हैं और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश कुमार जलुथरिया ने बताया कि शिविरों में ‘एम्पावरिंग यूथ’ एवं ‘साइबर जागरूकता (स्टे सेफ ऑनलाइन)’ विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही साइबर अपराधों जैसे साइबर बुलिंग, फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन स्टॉकिंग, बिना अनुमति फोटो साझा करना, धमकी एवं ब्लैकमेलिंग के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930, बाल संरक्षण हेतु चाइल्डलाइन 1098 तथा नि:शुल्क विधिक सहायता हेतु नालसा हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई। इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। यह कार्यक्रम आगामी समय में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
