कर्म करोगे तो फल मिलेगा : पूर्णनन्द पाराशर


झिलाय (सच्चा सागर)।
झिलाय गांव के गिरधारी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस कि कथा में भगवान के बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कथा वाचक पूर्णनन्द पाराशर वृंदावन वाले ने कहा कि भगवान को माखन इसलिए अच्छा लगता हैं, क्यूकि माखन भक्त का प्रतीक है। उन्होंने कथा में प्रवचन में समुन्द्र में कालीय नाग कि कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कालीय नाग बृज में समुन्द्र में रहता था कोई समुन्द्र में जाता तो उससे वह मार देता था। उन्होंने गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए बताया की 7 कोस लंबे चौड़े कालिकाल के देवता गोवर्धननाथ को 7 वर्ष के कन्हैया ने अपने सबसे छोटी उगली में 7 दिनरात अपनी अंगुली पर रखा। भगवान धारण किए रहे इंद्र देव का अभिमान तोड़ा। इस लिए जीव को कभी अभिमान नहीं करना चाहिए और कर्म करना चाहिए फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए, जिससे कर्म करोगे तो फल मिलेगा। इसलिए भगवान ने भी कर्म को प्रधान बताते हुए कहा कर्म करना जीव का धर्म है, फल देना मेरा काम है। इस अवसर पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया।                    


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