दिन की सुबह से अच्छी दिनचर्या शुरू करने से मनुष्य का कल्याण होने में देर नहीं लगती : विभा माता


टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)।
गणिनी आर्यिका विभा माता ससंघ गुरुवार सुबह भव्य मंगल प्रवेश हुआ। सरावगी समाज जिला अध्यक्ष संत कुमार जैन ने बताया कि प्रात: गणिनी आर्यिका विभा माता संसंघ 10 पिच्छी का मंगल प्रवेश जैन भवन में हुआ। माता जी कोटा से विहार कर के राजमहल होते हुए शहर में प्रवेश हुआ। इस दौरान जगह-जगह पाद प्रक्षालन होते हुए गाजे-बाजे के साथ जैन भवन में माता जी संसंघ का मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर विभा माता जी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दिन की सुबह से अच्छी दिनचर्या शुरू करने से मनुष्य का कल्याण होने में देर नहीं लगती। धर्म को जानना और मानना अलग-अलग है। हम भगवान है। भगवान महावीर को मानते हैं, लेकिन उनकी बात नहीं मानते। मनुष्य होकर हमने अच्छे कार्य नहीं किये तो हम क्या कहलाएंगे, स्वयं विचार करना होगा। प्रवचन के दौरान गणिनी आर्यिका विभा माताजी ने यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, जितना प्यार बेटी से करते हैं उतना ही यदि भगवान से करने लगें तो कल्याण हो जाएगा, लेकिन मोह के वशीभूष होने से ऐसा नहीं कर पाते। ब्रह्मा मुहूर्त में जागना बहुत अच्छी बात है। प्रात: काल उठकर हाथों का दर्शन करने से लक्ष्मी, सरस्वती और भगवान का दर्शन एक साथ हो जाता है। वहीं देव शास्त्र और गुरु के यहां हमें खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। भगवान तो वैसे ही मौन रहते हैं। वह कुछ मांगते भी नहीं लेकिन अपने आप कुछ लेकर जाएं तो वे स्वीकार कर लेते हैं। इस अवसर पर सकल जैन समाज के श्रावक श्राविका उपस्थित थे। शाम को जैन भवन में आनंद यात्रा, महाआरती सम्पन्न हुई।            


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