रसूखदारो पर कार्यवाही नहीं ?
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। कस्बे सहित आस-पास के क्षेत्रो में कृषि भूमि पर बिना नियमन एवं भू-उपयोग परिवर्तन के अवैध कॉलोनियां विकसित करने का जो खेल चल रहा था, उस पर गत दिनों नगर पालिका प्रशासन कार्यवाही करते हुए एक अवैध कॉलोनी में जेसीबी मशीन चला कर कार्यवाही तो कस्बे की आमजन ने इस पालिका प्रशासन का सराहनीय कदम बताया, वहीं पालिका प्रशासन पर दोहरे मापदण्ड का आरोप लगा सत्ता के दबाव में कार्य करने का खुलासा कर दिया। कस्बे में गत 31 मार्च को केकड़ी रोड़ के समीप एक अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही करते हुए कॉलोनी में रवाई खोद वहां पर पालिका ने चेतावनी बोर्ड लगा दिया। इस कॉलोनी से इसी केकडी रोड़ पर सुरजपुरा फिल्टर प्लांट जाने वाले रास्ते पर बिना नियमन व बिना भू-उपयोग परिवर्तन व बिना पालिका की निर्माण स्वीकृति के स्टेट हाईवे से मात्र बीस फीट दूरी एवं जयपुर की लाईफ लाईन कही जाने वाली बीसलपुर पेयजल पाईप लाईन से मात्र 10-15 फीट दूरी पर काटी गई अवैध कॉलोनी पर चल रहे निर्माणाधिन मकान को आजतक ना तो उपखण्ड प्रशासन ने और न ही नगर पालिका प्रशासन ने रोकने की जहमत उठाई। दोनों प्रशासनिक महकमों की चुप्पी ने इनकी कार्यशैली तो प्रश्न चिन्ह लगाया ही है। वहीं आमजन में भी प्रशासन सत्ता के दबाव में कार्य कर आमजन के खिलाफ एक तरफा कार्यवाही कर रहा है के आरोपो से अधुता नहीं। अवैध कॉलोनी के कारोबार से जुड़े कई माफियाओं ने नाम नही छापने की शर्त पर यह बताया की जिस कॉलोनी में प्लाटो के मुराय ही गढ़े है। उस तो कार्यवाही हो गई। और जिन अवैध कॉलोनियों में प्लाट पर बिना रोक-टोक निर्माण कार्य चल रहे है। उस पर प्रशासन ने कोई कार्यवाही नही की। ये नगर पालिका प्रशासन की दोगली नीति है। जिसकी चर्चा कस्बे के हर चौराहे पर रही है। गौरतलब होगा की कस्बे के आस-पास जितनी भी कृषि भूमि है। उस पर अधिकांश कृषि को भू-माफियाओं खरीद कर उसका बिना भू-परिवर्तन कराये, बिना ले आऊट प्लान स्वीकृति कराये उस कॉलोनी काट दी। और तो और तहसील प्रशासन की उप पंजीयन शाखा ने बिना भू-परिवर्तन के छोटे-छोटे प्लाटों की व बिना ले आऊट प्लान के ही पंजीयन कर राजस्व विभाग को करोडो का चूना लगवा दिया। यही नही कई अवैध कॉलोनियों में पंजीयन शुदा प्लाटो की भू-माफियाओं ने दो-दो बार पंजीयन करा आमजन को आपस में लडवा दिया। पंजीयन शाखा में फर्जी तरीके पावर ऑफ अटर्नी बनवा कर राजस्व विभाग की राजस्व को हानि पहुंचाई है। इन सब कृषि भूमियों पर भू-माफियाओं कॉलोनी काट दी और काट रहे है। राजस्व विभाग के नियमानुसार कृषि भूमि का जब तक भू-परिवर्तन नहीं हो जाता तब तक उस पर कॉलोनी विकसित नही की जा सकती, परन्तु भू-माफियाओं ने इन अवैध कॉलोनियों में प्लाट ही नही काटे, बल्कि उन पर बिना पालिका स्वीकृति के निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया।
पालिका की हो सकती है आय
इन अवैध कॉलोनियों पर पालिका प्रशासन बिना सत्ता के व बिना भेदभाव कार्यवाही करता है करोड़ो रूपयों की आय हो सकती है।

