टोडारायसिंह (सच्चा सागर)। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव भगवान आदिनाथ का जन्म कल्याणक
महोत्सव में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जैन समाज प्रवक्ता मुकुल जैन ने बताया कि आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार को भगवान आदिनाथ का जन्म व तप कल्याणक मनाया गया। इसके साथ ही प्रात: पंचामृत अभिषेक शांतिधारा की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य मुकुल कुमार प्रियंक कुमार आर्जव वैद परिवार को प्राप्त हुआ। एक दिन पूर्व संध्या में भक्तामर स्तोत्र का रजतमय दीप के साथ पाठ हुआ। इस अवसर पर सरावगी समाज जिला अध्यक्ष संत कुमार जैन ने कहा कि तीर्थंकरों का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाता है। जिन्होंने अपने जन्म को धन्य कर लिया है और जिनका अब कभी भी जन्म नहीं होगा। ऐसे महान तीर्थंकरों का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाता है। ऐसे महान तीर्थंकरों का जन्म कल्याणक महोत्सव हम नहीं भी मनाएं तो भी उनको कोई फर्क पडऩे वाला नहीं है। क्योंकि, उन्होंने तो मोक्ष पद को प्राप्त कर लिया है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विनोद जैन, पदमचंद जैन, रजत जैन, आयुष जैन, भागचंद जैन, मयंक जैन, राहुल जैन, अखिलेश जैन, हेमंत जैन, कमल जैन, प्रियंक जैन, पीलू जैन सहित बड़ी संख्या में श्रावक मौजूद रहे। इसी प्रकार कस्बे के पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में प्रथम तीर्थंकर 1008 भगवान आदिनाथ का जन्म-तप कल्याणक महा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया, इस अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत, स्तुति और मंगल पाठ के माध्यम से भगवान की आराधना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान आदिनाथ के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने मानव समाज को अहिंसा, सत्य, संयम और अपरिग्रह का संदेश दिया, साथ ही असि, मसि और कृषि जैसे जीवनोपयोगी कार्यों की शिक्षा देकर समाज को सभ्य व संगठित जीवन जीने की प्रेरणा दी। महोत्सव में नवीन कुमार छाबड़ा, अजीत कुमार झंडा, गिरनार कनाई, राजेंद्र कुमार अजमेरा, मदनलाल जैन बरवास, चांदमल कनोई सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महोत्सव में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जैन समाज प्रवक्ता मुकुल जैन ने बताया कि आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार को भगवान आदिनाथ का जन्म व तप कल्याणक मनाया गया। इसके साथ ही प्रात: पंचामृत अभिषेक शांतिधारा की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य मुकुल कुमार प्रियंक कुमार आर्जव वैद परिवार को प्राप्त हुआ। एक दिन पूर्व संध्या में भक्तामर स्तोत्र का रजतमय दीप के साथ पाठ हुआ। इस अवसर पर सरावगी समाज जिला अध्यक्ष संत कुमार जैन ने कहा कि तीर्थंकरों का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाता है। जिन्होंने अपने जन्म को धन्य कर लिया है और जिनका अब कभी भी जन्म नहीं होगा। ऐसे महान तीर्थंकरों का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाता है। ऐसे महान तीर्थंकरों का जन्म कल्याणक महोत्सव हम नहीं भी मनाएं तो भी उनको कोई फर्क पडऩे वाला नहीं है। क्योंकि, उन्होंने तो मोक्ष पद को प्राप्त कर लिया है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विनोद जैन, पदमचंद जैन, रजत जैन, आयुष जैन, भागचंद जैन, मयंक जैन, राहुल जैन, अखिलेश जैन, हेमंत जैन, कमल जैन, प्रियंक जैन, पीलू जैन सहित बड़ी संख्या में श्रावक मौजूद रहे। इसी प्रकार कस्बे के पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में प्रथम तीर्थंकर 1008 भगवान आदिनाथ का जन्म-तप कल्याणक महा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया, इस अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत, स्तुति और मंगल पाठ के माध्यम से भगवान की आराधना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान आदिनाथ के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने मानव समाज को अहिंसा, सत्य, संयम और अपरिग्रह का संदेश दिया, साथ ही असि, मसि और कृषि जैसे जीवनोपयोगी कार्यों की शिक्षा देकर समाज को सभ्य व संगठित जीवन जीने की प्रेरणा दी। महोत्सव में नवीन कुमार छाबड़ा, अजीत कुमार झंडा, गिरनार कनाई, राजेंद्र कुमार अजमेरा, मदनलाल जैन बरवास, चांदमल कनोई सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
