हंसी के ठहाकों और उमंग भरे वातावरण के बीच आयोजित हुआ अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन
देर रात तक गूंजे ठहाके
टोंक (सच्चा सागर )टोंक-होली के रंग रोटरी के संग, होली महोत्सव के शुभ अवसर पर कवि सम्मेलन का शुभारंभ प्रोफ़ेसर प्रमोद शर्मा के संचालन व रोटरी क्लब द्वारा अतिथियों के स्वागत सत्कार के साथ संत रामनिवास महाराज, सद्गुरु पंडित राजकुमार शर्मा, महंत दुर्गापुरी, पंडित डॉ पवन सागर तथा कवियों, रोटरी क्लब पदाधिकारियों , सदस्यों ने भगवान गणपति और मां सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन करके किया।रोटरी क्लब टोंक बनास द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय मंच संचालक हास्य कवि प्रदीप पंवार के संचालन में कवियों की हास्य प्रधान रचनाओं से देर रात तक श्रोता हंसते-हंसते लोटपोट होते रहे,
कवि सम्मेलन में मां सरस्वती की वंदना राजस्थानी भाषा में गीतकार प्रेम शास्त्री और कवि प्रदीप पंवार ने श्री राम वंदना करके श्रोताओं को आनंदित कर दिया। स्थानीय ओज कवि अक्षय बोहरा ने अभय भाल पर तिलक करों तुम समय व्यर्थ ना जाने दो,जिस धरती पर जन्म लिया है उसका कर्ज़ चुकाने दो ..... सुना कर तालियां बजवाई
व्यंग्यकार दया शर्मा ने प्रेम पत्रों में उलझो नहीं बेटियों
हाथ खंजर उठाओ समय आ गया .. कविता पर श्रोताओं से खूब दाद दी।
गीतकार हनुमान बादाम ने आई होली आई, रंग ग़ुलाल उड़े, फागुन की रुत छाई - गीत से होली के रंग में श्रोताओं को रंग दिया।
राजस्थानी हास्य कवि अंदाज हाडोती में श्रोताओं को खूब हंसाते हुए गीत म्हारी भाईल्यां खावे रे थां पर खार सुना कर भरपूर तालियां बजवाई। विख्यात हास्य कवि दिनेश देसी घी ने श्रोताओं को हंसा हंसा कर लोटपोट कर दिया मां महात्मा और परमात्मा में मां सब पर भारी है सुनाया तो खूब तालियां बजी.. कवयित्री उषा दास और मंच संचालक प्रदीप पंवार की हास्य नोंक झोंक का श्रोताओं ने भरपूर आनंद लिया उषा दास ने उनींदी आँख में अपने सपन सब वार आए हैं।
तुझे मिलने को मिलों दूर से हम यार आए हैं,
मुहब्बत से नवाजों तुम मुझे ये फ़र्ज़ है तेरा ।
तुम्हारे शहर में हम तो ये पहली बार आए हैं सुनाकर तालियां बटोरी।
अंतर्राष्ट्रीय शायर डॉ जिया टोंकी ने होली खुलकर खेलो मेरे यार गीत और मेरी हर आस्था का नाम हिंदुस्तान रख देना सुना कर खूब दाद पाई।
प्रदीप पंवार ने होली पर श्री कृष्ण राधा संग आए, चाहतों के चंग बजाएं, जग झूमें और नाचे गाएं
रिश्ते गंगजमन हो जाएं सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया गीतकार प्रेम शास्त्री ने आ जाओ बालम जी काया सूख पांपरो होगी जी सहित कई गीत सुना कर श्रोताओं को भरपूर आनंदित किया। *अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन*भारी भीड़ के साथ अभूतपूर्व हो गया इस अवसर पर मंचासीन कवियों ने अपनी हास्य एवं व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक हंसने पर मजबूर कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज और ठहाकों से वातावरण आनंदमय बना रहा।कार्यक्रम के सफल आयोजन पर क्लब पदाधिकारियों ने सभी सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। अध्यक्ष बादल साहू एवं सचिव सीए आकाश जैन के नेतृत्व में यह आयोजन यादगार बना। क्लब द्वारा सभी कवियों, अतिथियों एवं श्रोताओं का हृदय से धन्यवाद दिया गया।





