अलीगढ़ सीएचसी में अव्यवस्थाएं : मरीज परेशान-जनप्रतिनिधि मौन

  अलीगढ़ अस्पताल में चिकित्सकों सहित मशीनरी संसाधनों की भी है विशेष कमी 

- सलीम खान 

अलीगढ़ (सच्चा सागर)। कस्बा अलीगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की भवन व्यवस्था भले ही बेहतर हो, लेकिन यहां की स्वास्थ्य सेवाएं सवालों के घेरे में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं हैं, जिसके चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मेघराज मीणा उखलाना सहित क्षेत्रवासियों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों को अस्पताल से लौटा दिया जाता है और उन्हें डॉक्टरों के निजी क्लीनिक पर जाने के लिए मजबूर किया जाता है। बताया जा रहा है कि कुछ चिकित्सक अपने आवास पर निजी क्लीनिक संचालित कर रहे हैं तो कुछ चिकित्सक के पास ईलाज हेतु आवास पर जाना पड़ता हैं। जहां मरीजों को महंगी जांच और दवाइयां लिखी जाती हैं, जिससे मेडिकल स्टोर से कमीशन प्राप्त किया जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामूली बीमारी जैसे बुखार, जुखाम, खांसी आदि में भी मरीजों को अनावश्यक जांचें और 2000 से 2500 रुपये तक की दवाइयां लिख दी जाती हैं। वहीं, अस्पताल में डॉक्टरों की कमी भी एक बड़ी समस्या है। वर्तमान में यहां केवल तीन चिकित्सक में डॉ. गिरीश कटारिया (अस्पताल प्रभारी), डॉ. रामजीलाल मीणा और डॉ. मधुसूदन शर्मा कार्यरत हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप हैं कि । सबसे गंभीर स्थिति रात के समय देखने को मिलती है, जब इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को उपचार मिलने की संभावना बेहद कम होती है। सामान्य बीमारियों में भी मरीजों को अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है।चिंता की बात यह भी है कि क्षेत्र के युवा नेता, भावी जनप्रतिनिधि, सीआर, डीआर और आगामी पंचायत राज चुनावों में भाग लेने वाले संभावित प्रत्याशी इस ज्वलंत मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं, क्षेत्रीय विधायक और सांसद द्वारा भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।  

जनता की अपील

इधर कांग्रेस एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष मुकेन्द्र मीणा सहित क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों से निवेदन किया है कि वे इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता से उठाएं और अलीगढ़ सीएचसी की अव्यवस्थाओं को दूर कराने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।    


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