भागवत कथा के चौथे दिन प्रह्लाद चरित व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु

 


टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। 
उपखण्ड क्षेत्र की पंचायत मांदोलाई के ग्राम खेजड़ों का बास के अमर विलास में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस व्यासपीठ सन्त अवधेश दास महाराज (केशव गोपाल गौ शाला, सांपला) ने प्रह्लाद चरित, नृसिंह अवतार, गजेंद्र मोक्ष औऱ समुद्र मंथन सहित भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का रसपान कराया गया। पूरा पांडाल जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूमने लगे। भक्ति और शक्ति का संगम कथा की शुरुआत करते हुए महाराज ने प्रह्लाद चरित के माध्यम से बताया कि यदि विश्वास अडिग हो तो ईश्वर खंभे से भी प्रकट हो जाते हैं। भगवान नृसिंह के अवतार की कथा सुनाते हुए उन्होंने अधर्म के नाश औऱ शरणागति के महत्व को समझाया। इसके पश्चात गजेंद्र मोक्ष की कथा के माध्यम से यह संदेश दिया कि जब जीव संसार के मोह से छूटकर प्रभु को पुकारता है, तो भगवान नंगे पैर दौड़े चले आते हैं। समुद्र मंथन और वामन अवतार कथा के क्रम में समुद्र मंथन के प्रसंग में अमृत और विष के आध्यात्मिक अर्थ समझाए गए। वहीं वामन अवतार की झांकी के माध्यम से बलि के त्याग और भगवान की कृपा का वर्णन किया गया। श्रीराम की कथा के संक्षिप्त चित्रण ने भक्तों को मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा दी। कथा के अन्तिम चरण में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही झांकी प्रस्तुत की गई। भगवान को लेकर जाते वासुदेव और यशोदा मैया के लाला के दर्शन पाकर भक्त निहाल हो गए। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की और बधाई गीत गाकर खुशियां मनाई। इस अवसर पर सभी भक्तों द्वारा आरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन हुआ। आयोजक श्री रणजीत सिंह, डॉ. जगवीर सिंह, डॉ. राजवीर सिंह, भानुप्रताप सिंह, अंशु सिंह ने सभी क्षेत्रवासियों से आयोजन में पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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