ब्लॉक स्तरीय प्रधानाचार्य वाकपीठ संगोष्ठी का शुभारंभ, शिक्षा सुधार और राष्ट्रभक्ति पर जोर
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। कस्बे के राउमावि में दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रधानाचार्य सत्रांत वाकपीठ संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों में राष्ट्रीय भावना पैदा करने तथा संस्कारवान बनाकर समाज में प्रवेशित करने पर मंथन और मनन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्रबंधन सहित अन्य विषयों पर चर्चा करने, आत्म मंथन करने की आवश्यकता है। मंत्री चौधरी ने कहा कि सभी शिक्षक संगठनों द्वारा जिला और प्रदेश स्तर पर शैक्षणिक सम्मेलन का आयोजन किया जाता है, लेकिन इन सम्मेलनों के परिणाम पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा आज का समय बहुत चुनौतीपूर्ण है, लोकतंत्र में जनता चुनती है। जनता के टेक्स से देश में विकास हो रहा है। चिकित्सा, कानून व्यवस्था, शिक्षा में आज भी सुधार करने की आवश्यकता है। पीएचईडी मंत्री चौधरी ने कहा कि बच्चों का भविष्य शिक्षक के हाथ में है, मिट्टी को किसी भी का आकार देने कुम्हार का काम है, ठीक उसी तरह शिक्षक का काम है। उन्होंने कहा कि जनता शिक्षा का स्तर में सुधार चाहतीं हैं। इन सब पर चिंतन करना चाहिए। खाड़ी देशों में हो रहे युद्ध से देश में कोरोना जैसा संकट आने वाला है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आज बच्चों और अभिभावकों में राष्ट्रीयता खत्म हो रही है। भावना ही नहीं रही। इसके लिए आत्म मूल्यांकन करना चाहिए। शिक्षकों को मालूम होना चाहिए कि देश कहां जा रहा है। देश मजबूत बनें तो हम रहेंगे। बच्चों में राष्ट्र भक्ति पैदा करना होगा। देश की स्थिति के बारे में शिक्षक ही बच्चों को देंगे। शिक्षा से रोजगार का उद्देश्य होना चाहिए। चरित्र निर्माण करने जो समाज में अपनी छाप छोड़ सके। आप पीईईओ है जो पंचायत स्तर का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति और अधिकारी होते है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ साथ समाज को सुधारने का काम करो। शिक्षक देश को प्रधानमंत्री से सहायक कर्मचारी बनाते हैं। आने वाला समय सरकारी नौकरी नहीं मिल पाएगी। भला करना है गरीब, किसान का बच्चा पढ़ लिख कर आधुनिक खेती करना सिखे। बच्चों को रोजगार योग्य बुद्धि विकसित करने पर जोर दिया। मंत्री चौधरी ने व्यवसायिक शिक्षा पर जोर दे राष्ट्र भक्ति भावना पैदा करना शुरू करना होगा। नींव मजबूत बनें। कस्बे के पीएमश्री बालिका स्कूल में इंडोर स्टेडियम निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की बात कही। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए पूर्व पालिकाध्यक्ष संत कुमार जैन ने कहा धरातल पर शिक्षा की नींव मजबूत रखने से इमारत अच्छी बनती है। उन्होने कहा ऊगुरु भगवान होते हैं, सरकारी स्कूल में नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया। सीबीईओ कमलेश कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्य अतिथि के विचार से प्रेरित होकर शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव होगा, मापदंड के अनुरूप सरकारी स्कूलों में नामांकन में बढ़ोत्तरी होगी। नोडल प्रधानाचार्य सीपी कुर्मी ने कहा कि प्रयोग करते हुए विद्यालय में हो रहे हैं। संस्कार युक्त और सुशिक्षित संस्कारवान बच्चे समाज में आएंगे। उन्होंने कहा वाकपीठ संगोष्ठी को लेकर सुझाव जरूर देंगे, सभी स्कूलों को आदर्श स्कूल बनाना है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक में 57 सीनियर सेकेंडरी स्कूल है। इनमें शिक्षा के क्षेत्र में विकास और शिक्षा स्तर सुधारने के प्रयास किए, संकल्प होना चाहिए। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सुबे सिंह यादव, जिला संघचालक पुरूषोत्तम शर्मा ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा शिक्षक संस्कारवान और चरित्र निर्माण कर समाज के समक्ष प्रस्तुत करें। इस मौके पर पूर्व डीआर रामचंद्र गुर्जर, कमलेश कुमार शर्मा, पालिका अध्यक्ष भरत लाल सैनी उपस्थित रहें। संचालन रेणु मंगल, बृजमोहन सिंह ने किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। इस दो दिवसीय वाकपीठ संगोष्ठी में विभिन्न विषयों और बिंदुओं पर गहनता से चर्चा की जाएगी।