बिना नियमन व भू-उपयोग परिवर्तन के कृषि भूखण्डों पर धड़ल्ले से कारोबार

- नगर पालिका ने लगवाया अवैध कॉलोनी व बिना अनुमोदित का बोर्ड

- आमजन से प्लॉट नहीं खरीदने की अपील

- भू-माफियाओं में मचा हडक़म्प   

टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। कस्बे सहित आस-पास के क्षेत्रों में कृषि भूमि पर बिना नियमन एवं भू-उपयोग परिवर्तन के अवैध कॉलोनियां विकसित करने का खेल लगातार जारी है। रसूखदार कॉलोनाइजर नियम-कायदों को ताक पर रखकर भूखण्डों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं, वहीं प्रशासन की ढिलाई के चलते सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र में बिना अनुमति के बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनी काटी जाने की दैनिक सच्चा सागर में खबर प्रकाशित होने के बाद पालिका प्रशासन ने सोमवार को कार्यवाही करते हुए अवैध कॉलोनी को सवायचक बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कई स्थानों पर कृषि भूमि को बिना अनुमति आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित कर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। आमजन को आकर्षक योजनाओं और सस्ते प्लॉट का लालच देकर निवेश कराया जा रहा है, जबकि इन कॉलोनियों में न तो नियमन की प्रक्रिया पूरी की गई है और न ही भू-उपयोग परिवर्तन की स्वीकृति ली गई है।      

नगर पालिका की कार्यवाही, लगाया चेतावनी बोर्ड

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन ने केकड़ी रोड पर विजय सिंह मैमोरियल स्कूल के पीछे खसरा नम्बर 3702  कृषि भूमि पर  अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही करते हुए संबंधित भूमि को अवैध व बिना अनुमोदित कालोनी  बताते हुए मौके पर  ‘यह कालोनी नगर पालिका  से अनुमोदित नही है यह अवैध कालोनी है । इसको सिवाय चक दर्ज कराने की प्रकिया शुरू कर दी गई है  का बोर्ड लगवा दिया है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि बिना वैधानिक स्वीकृति वाली कॉलोनियों में किसी भी प्रकार का प्लॉट क्रय-विक्रय न करें, अन्यथा भविष्य में होने वाले नुकसान के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। पालिका प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से विकसित कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वालों को मूलभूत सुविधाएं, पट्टा अथवा वैध निर्माण स्वीकृति मिलना संभव नहीं होगा।  

नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां

सूत्रों के अनुसार शहर में कई व्यावसायिक संस्थान और निर्माण कार्य बिना स्वीकृति के संचालित हो रहे हैं। भवन निर्माण अनुमति, ले-आउट प्लान, नक्शा स्वीकृति एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को नजरअंदाज कर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। इससे न केवल शहरी नियोजन प्रभावित हो रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।   

राजस्थान टाउनशिप नीति की अनदेखी

राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024 के अनुसार किसी भी कॉलोनी को विकसित करने से पूर्व संबंधित प्राधिकरण में पंजीकरण एवं स्वीकृति आवश्यक है, लेकिन कई कॉलोनाइजर बिना पंजीकरण ही प्लॉटिंग कर रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अवैध बस्तियों की समस्या विकराल रूप ले सकती है।  

आमजन को सतर्क रहने की सलाह

नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि किसी भी भूमि या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, भू-उपयोग परिवर्तन, नियमन स्वीकृति एवं सरकारी रिकॉर्ड की जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश आर्थिक जोखिम साबित हो सकता है। इस सम्बन्ध में पालिका अधिशासी अधिकारी पवन बेनीवाल का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में जितनी भी कॉलोनी बिना भू-परिवर्तन के काटी गई, उन पर जल्दी ही इसी प्रकार की कार्यवाही की जावेगी।                              


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