विद्यार्थियों ने दिखाई सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता
- नीरज राजोरिया
झिलाय (सच्चा सागर)। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय झिलाय में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। पूरे शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई और अंतिम दिन भी अपने कार्यों से अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
अंतिम दिवस पर श्रमदान और पर्यावरण संदेश
शिविर के अंतिम दिवस पर स्वयंसेवकों ने गायत्री शक्तिपीठ झिलाय में श्रमदान किया। इस दौरान साफ-सफाई, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझा और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक किया।
सांस्कृतिक गतिविधियों से बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने सामाजिक विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया और अपने अंदर छिपी प्रतिभाओं को उजागर किया।
एनएसएस से विकसित होती है जिम्मेदारी की भावना
एनएसएस प्रभारी मुकेश चौधरी ने बताया कि इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में सहयोग, आत्मनिर्भरता और टीम भावना का विकास होता है, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। सभी स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर शिविर को जीवंत बनाए रखा।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम
प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद मीना ने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं समाज सेवा की भावना विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी राष्ट्र सेवा एवं जनहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया।
समापन पर लिया सेवा का संकल्प
शिविर के समापन अवसर पर सभी स्वयंसेवकों ने समाजहित में कार्य करते रहने और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके योगदान के लिए सराहा गया। इस अवसर पर बनवारी लाल मिश्रा, रामजीलाल मीना, सत्येन्द्र सिंह राजावत सहित विद्यालय स्टाफ एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
