टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। सकल जैन समाज टोड़ारायसिंह द्वारा सोमवार को भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया। जैन समाज प्रवक्ता मुकुल जैन ने बताया कि कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह साढ़े पांच बजे जैन भवन से प्रभात फेरी से हुई। इसके बाद महावीर चैतालय मंदिर में बालचार्य निपुण नन्दी जी महाराज संसंघ के सानिध्य में मूलनायक महावीर भगवान के अभिषेक, शांतिधारा ओर मंडल विधान का आयोजन पण्डित संजीव कासलीवाल के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। जैन भवन में झंडारोहण कर भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ किया गया। झंडारोहण सरावगी समाज जिला अध्यक्ष संत कुमार जैन उनकी धर्मपत्नी सुशीला जैन पुत्र अनुज जैन पुत्रवधू नीलू जैन सपरिवार द्वारा सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर अग्रवाल समाज अध्यक्ष महावीर कनोई, पदम पवालिया वाले, अशोक झण्डा, मोहन कनोई, चंद्रप्रकाश ढाबा वाले, मुकेश कनोई, कैलाश ढाबा वाले, पदम कासलीवाल, रोडूलाल, रज्जू सर्राफ, सुरेश छाबड़ा, नरेश झण्डा, हनुमान कनोई, प्रेम कालेड़ा, भागचंद भटेड़ा सहित सकल जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित थे। जयकारों के बीच बाजार में स्थित महावीर चैतालय जैन मंदिर से रथयात्रा निकाली गई। सुरेश कुलदीप कोठारी परिवार ने सारथी बनने का शौभाग्य प्राप्त किया। रथ में भगवान महावीर विराजमान थे। भगवान महावीर को विराजमान करने का सौभाग्य तारा देवी निवासी अजमेर ने प्राप्त किया। मुख्य बाजार से होती हुई शांतिनाथ जैन मंदिर पहुंची। शोभायात्रा के आगे घोड़ों पर सवार युवा धर्म ध्वज लिए हुए थे। महिलाओं और पुरुषों की टोलियां अहिंसा परमो धर्म:, हिंसा न करने संबंधी जयघोष लगा रहे थे। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत सत्कार किया गया। रथयात्रा का ब्राहमण समाज द्वारा भव्य स्वागत किया गया। ब्राहमण समाज के आत्माराम, पिंटू चौबे, करुणानिधि भारद्वाज, तोषी गौतम, राजेंद्र पारिक, प्रेम उपाध्याय, सुनिल भारत सहित सैंकड़ों लोग मौजूद थे। शोभायात्रा में शामिल जैन समाज के सभी शोभायात्रा में एकरूपता और अनुशासन के लिए सभी पुरुष वर्ग ने सफेद वस्त्र पहने थे। धार्मिक रंग में धार्मिकता और भारतीय संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा महिलाएं लाल और पीले रंग के परिधान पहने थीं।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। सकल जैन समाज टोड़ारायसिंह द्वारा सोमवार को भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया। जैन समाज प्रवक्ता मुकुल जैन ने बताया कि कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह साढ़े पांच बजे जैन भवन से प्रभात फेरी से हुई। इसके बाद महावीर चैतालय मंदिर में बालचार्य निपुण नन्दी जी महाराज संसंघ के सानिध्य में मूलनायक महावीर भगवान के अभिषेक, शांतिधारा ओर मंडल विधान का आयोजन पण्डित संजीव कासलीवाल के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। जैन भवन में झंडारोहण कर भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ किया गया। झंडारोहण सरावगी समाज जिला अध्यक्ष संत कुमार जैन उनकी धर्मपत्नी सुशीला जैन पुत्र अनुज जैन पुत्रवधू नीलू जैन सपरिवार द्वारा सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर अग्रवाल समाज अध्यक्ष महावीर कनोई, पदम पवालिया वाले, अशोक झण्डा, मोहन कनोई, चंद्रप्रकाश ढाबा वाले, मुकेश कनोई, कैलाश ढाबा वाले, पदम कासलीवाल, रोडूलाल, रज्जू सर्राफ, सुरेश छाबड़ा, नरेश झण्डा, हनुमान कनोई, प्रेम कालेड़ा, भागचंद भटेड़ा सहित सकल जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित थे। जयकारों के बीच बाजार में स्थित महावीर चैतालय जैन मंदिर से रथयात्रा निकाली गई। सुरेश कुलदीप कोठारी परिवार ने सारथी बनने का शौभाग्य प्राप्त किया। रथ में भगवान महावीर विराजमान थे। भगवान महावीर को विराजमान करने का सौभाग्य तारा देवी निवासी अजमेर ने प्राप्त किया। मुख्य बाजार से होती हुई शांतिनाथ जैन मंदिर पहुंची। शोभायात्रा के आगे घोड़ों पर सवार युवा धर्म ध्वज लिए हुए थे। महिलाओं और पुरुषों की टोलियां अहिंसा परमो धर्म:, हिंसा न करने संबंधी जयघोष लगा रहे थे। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत सत्कार किया गया। रथयात्रा का ब्राहमण समाज द्वारा भव्य स्वागत किया गया। ब्राहमण समाज के आत्माराम, पिंटू चौबे, करुणानिधि भारद्वाज, तोषी गौतम, राजेंद्र पारिक, प्रेम उपाध्याय, सुनिल भारत सहित सैंकड़ों लोग मौजूद थे। शोभायात्रा में शामिल जैन समाज के सभी शोभायात्रा में एकरूपता और अनुशासन के लिए सभी पुरुष वर्ग ने सफेद वस्त्र पहने थे। धार्मिक रंग में धार्मिकता और भारतीय संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा महिलाएं लाल और पीले रंग के परिधान पहने थीं।
