- विशाल सैनी
टोंक (सच्चा सागर)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा टोंक-सवाई माधोपुर नेशनल हाईवे-552 पर स्थित गुमानपुरा टोल प्लाजा पर टोल दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। नई दरें 31 मार्च की रात 12:00 बजे (1 अप्रैल से) लागू होंगी। गुमानपुरा टोल प्लाजा प्रबंधक राजेन्द्र सिंह पथराज की जानकारी अनुसार कार / जीप / वैन 65 रूपये, पिकअप / मिनीबस 110 रूपये, बस / ट्रक 225 रूपये, थ्री एक्सल वाहन 245 रूपये, चार से छह एक्सल वाहन 355 रूपये तथा छह से अधिक एक्सल वाहन 430 रूपये लागू होंगे। टोंक-सवाई माधोपुर नेशनल हाईवे-552 पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा गुमानपुरा टोल प्लाजा पर टोल दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। नई दरें 31 मार्च की रात 12 बजे से प्रभावी होंगी, यानी 1 अप्रैल 2026 से वाहन चालकों को अधिक शुल्क चुकाना होगा। एनएचएआई के इस फैसले का सीधा असर उन हजारों लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना इस हाईवे से आवागमन करते हैं। खासतौर पर टोंक और सवाई माधोपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्री, नौकरीपेशा लोग, छोटे व्यापारी और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे। गुमानपुरा टोल प्लाजा के प्रबंधक राजेन्द्र सिंह पथराज ने जानकारी देते हुए बताया कि नई दरों के अनुसार अब कार, जीप और वैन चालकों को एकतरफा यात्रा के लिए 65 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं पिकअप और मिनी बस के लिए यह शुल्क 110 रुपये निर्धारित किया गया है। बस और ट्रक चालकों को 225 रुपये चुकाने होंगे, जबकि थ्री एक्सल वाहनों के लिए 245 रुपये तय किए गए हैं। चार से छह एक्सल वाले भारी वाहनों के लिए टोल 355 रुपये और छह से अधिक एक्सल वाले वाहनों के लिए 430 रुपये निर्धारित किया गया है। टोल दरों में इस वृद्धि के बावजूद एनएचएआई ने स्थानीय निवासियों को कुछ राहत भी प्रदान की है। टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-वाणिज्यिक (कार) वाहन मालिकों के लिए मासिक पास की सुविधा 350 रुपये में उपलब्ध रहेगी। इससे स्थानीय लोगों को बार-बार टोल चुकाने की परेशानी से राहत मिलेगी और उनकी जेब पर अतिरिक्त भार कम पड़ेगा। इसके अलावा फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं। निजी वाहनों के लिए वार्षिक फास्टैग पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी ज्यादा नहीं है, लेकिन नियमित रूप से हाईवे का उपयोग करने वाले लोगों के लिए यह अतिरिक्त खर्च जोड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि टोल दरों में यह बढ़ोतरी केवल यात्रियों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर व्यापक स्तर पर देखने को मिलेगा। परिवहन लागत बढऩे से माल ढुलाई महंगी हो जाएगी, जिसका सीधा प्रभाव बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। फल, सब्जी, अनाज, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामानों के दामों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। रोजाना इस मार्ग से यात्रा करने वाले कई लोगों ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पहले ही महंगाई का दबाव बना हुआ है, ऐसे में टोल दरों में बढ़ोतरी से उनकी दैनिक खर्च में इजाफा होगा। वहीं परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच टोल में वृद्धि उनके व्यवसाय की लागत को और बढ़ा देगी। हालांकि एनएचएआई का कहना है कि समय-समय पर टोल दरों में संशोधन सडक़ के रखरखाव, सुविधाओं में सुधार और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक होता है। इससे हाईवे की गुणवत्ता बनाए रखने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई टोल दरें आमजन की जेब पर असर डालेंगी, लेकिन स्थानीय निवासियों को दी गई मासिक पास सुविधा कुछ हद तक राहत जरूर देगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बढ़ोतरी का बाजार और आम जीवन पर कितना प्रभाव पड़ता है।
लोकल वाहनों के लिए राहत
टोल प्लाजा से 20 किमी दायरे में रहने वाले गैर-वाणिज्यिक (कार) वाहनों के लिए मासिक पास 350 रूपये लागू होंगे।
फास्टेग यूजर्स पर असर
निजी वाहनों के लिए फास्टेग वार्षिक पास 3000 से बढ़ाकर 3075 कर दिया गया है।
असर क्या होगा ?
रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और व्यापारिक वाहनों की लागत बढ़ेगी, लोकल निवासियों को मासिक पास से कुछ राहत, माल परिवहन महंगा होने से अप्रत्यक्ष रूप से वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं।
