सोप थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों पर महिलाओं से रात्रि में मारपीट कर लज्जा भंग करने के गंभीर आरोप-एसपी को सौंपा ज्ञापन,
- बिना सर्च वारंट के नियम विरूद्ध घर में घुसकर गर्भवती महिला समेत महिलाओ की लज्जा भंग करने व थाने में मारपीट करने के लगाए गंभीर आरोप,
- पुलिस ने पीड़ितों का मेडिकल मुआयना नहीं करवाया तो कोर्ट के आदेश पर हुआ मेडिकल मुआयना-कोर्ट इस्तगासा से पुलिस पर केस दर्ज करने के आदेश
टोंक/उनियारा ( सच्चा सागर )। एक ओर जहां राजस्थान पुलिस के महानिदेशक द्वारा पुलिस कर्मियों से परिवादियों सहित आम जनता के साथ शालीनता के साथ पेश आने तथा किसी भी मामले में संदिग्ध या अपराधी को गिरफ्तार करने से पूर्व मकान में नियम कायदों के तहत ही सर्च वारंट के तहत तलाशी लेने आदि के आदेश व निर्देश समय-समय पर दिए जाते रहे हैं। लेकिन इन दिनों उनियारा सर्किल क्षेत्र के पुलिस थानों की विवादित कार्यप्रणाली कुछ ओर ही बयां कर रही है। ऐसा ही एक मामला सोप थाना पुलिस का अमानवीय व्यवहार रघुनाथपुरा गांव के एक व्यक्ति सहित उसके महिला परिजनों के साथ घटित हुआ है।
जानकारी अनुसार पीड़ित परिवादी मथुरालाल मीणा निवासी रघुनाथपुरा पुलिस थाना सोप ने जिला पुलिस अधीक्षक टोंक को सोप थाना पुलिस के विरूद्ध कार्यवाही को लेकर परिवाद पेश कर बताया कि दिनांक 14 जनवरी 2026 को शाम के 6:00 बजे के लगभग दो गाड़ियों में पुलिस की वर्दी पहने हुए 10 से 12 पुलिसकर्मी सोप थानाधिकारी के साथ प्रार्थी के घर में अचानक घुस गए और प्रार्थी सहित उसके परिवार जनों व महिलाओं के साथ मारपीट शुरू कर दी, पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया उक्त सभी व्यक्तियों (पुलिसकर्मियों) ने प्रार्थी की दो पुत्रवधू, पत्नी व परिवादी के साथ काफी मारपीट की तथा महिलाओं को काफी बेइज्जत किया, जिससे एक पुत्रवधू सहित गर्भवती महिला के चोटें आई हैं। जब प्रार्थी ने पुलिसकर्मियों से घर में घुसकर मारपीट करने तथा घर की तलाशी लेने का कारण पूछा तो ओर अधिक गालियां बकी और मारपीट की। उसके पश्चात थानाधिकारी थाना सोप ने भी प्रार्थी की पत्नी सहित पुत्रवधू महिलाओं को घसीट कर गाड़ी में पटक दिया तथा प्रार्थी के साथ भी मारपीट कर गाड़ी में डालकर जबरदस्ती थाने पर ले गए, उसके पश्चात सोप थाने पर थानाधिकारी व अन्य पुलिसकर्मियों के द्वारा महिलाओं सहित प्रार्थी के साथ पट्टों से मारपीट की गई। सोप थानाधिकारी व अन्य पुलिसकर्मियों ने जान से मारने की धमकी दी। उसके पश्चात प्रार्थी को लगभग 14 जनवरी की रात्रि को 11:00 बजे करीब गांव के लोगों के थाने पर आने पर प्रार्थी व अन्य महिलाओं को पुलिस थाने से छोड़ा गया। सोप थानाधिकारी ने उक्त प्रकरण की शिकायत करने पर प्रार्थी व उसके परिवारजनों को जान से मारने की धमकी दी। साथ ही पीड़ित ने बताया कि प्रार्थी पुलिसकर्मियों को शक्ल से जानता है एवं थानाधिकारी को भी जानता है वही प्रार्थी ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए परिवाद में बताया कि पुलिस द्वारा की गई मारपीट से आई चोटे बाबत पुलिस द्वारा प्रार्थी सहित महिलाओ का मेडिकल मुआयना नहीं करवाने पर न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट उनियारा के आदेश पर आरोपी पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही को लेकर कोर्ट इस्तगासा पेश करवाया गया तथा मेडिकल मुआयना के आदेश जारी करवाए गए, कोर्ट के आदेश पर उनियारा थाना पुलिस ने पीड़ितों का जिला सआदत अस्पताल ले जाकर मेडिकल मुआयना करवाया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवादी को आश्वासन दिया कि जल्द ही प्रकरण की जांच करवरकर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने तथा उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक उनियारा आकांक्षा चौधरी को सौंपी गई है, जिस पर प्रकरण की वास्तविकता को लेकर जांच की जा रही है। आपको बता दे चलें कि इन दिनों उनियारा सर्किल में पुलिस थाना अलीगढ़ सहित सोप थानों के पुलिसकर्मियों पर हाल ही में नए साल की शुरूआत से अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने सहित अन्य मामलों में गाज गिर चुकी है, उसके बावजूद भी पुलिस की कार्यशैली में कोई सकारात्मक सुधार नजर नहीं आ रहा हैं।
