गहलोद हमला प्रकरण
ईलाज के दौरान मुकेश की मौत, प्रशासन से सहमति के बाद हुआ अंतिम संस्कार
टोंक। जिले के पीपलू थाना क्षेत्र के गहलोद गांव में दो लोगों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में घायल युवक मुकेश चौधरी की मंगलवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। बुधवार सुबह पूर्व जिला प्रमुख रामविलास चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। गौरतलब है कि 17 दिसंबर को कार में सवार बदमाशों ने गांव के दो युवकों पर सुनियोजित तरीके से हमला किया था। इस हमले में मुकेश चौधरी और कालू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को उपचार के लिए पहले टोंक और बाद में जयपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार रात मुकेश चौधरी ने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में एक हिस्ट्रीशीटर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।
प्रशासन-ग्रामीणों में बनी सहमति, तब हुआ अंतिम संस्कार
युवक की मौत के बाद उत्पन्न हालात को देखते हुए प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लंबी वार्ता हुई। प्रशासन द्वारा मांगों पर सहमति जताने के बाद ही जयपुर से लाया गया मृतक का शव गांव में लाया गया और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार (लाभ संस्कार) किया गया। प्रशासन के साथ हुई वार्ता में पीडि़त परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, घायलों का सरकारी खर्च पर इलाज, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी, सरस डेयरी से रोजगार/सहायता, गहलोद चौराहे पर स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने तथा अपराधियों के अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। इसके अलावा पीपलू थाना में कार्यरत पुलिसकर्मी टीकम चंद्र गुर्जर को अपराधियों से कथित सांठगांठ के चलते निलंबित करने की मांग रखी गई, जिस पर प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक व राजनीतिक मौजूदगी
समझौता वार्ता में पूर्व कांग्रेस जिला प्रमुख रामविलास चौधरी, हंसराज गाता, वीर सेना जिला अध्यक्ष शंकर चौधरी एवं आरएलपी पार्टी टोंक जिला अध्यक्ष राजेंद्र पराणा मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सोकरिया, एडिशनल एसपी रतनलाल भार्गव, टोंक सीओ मृत्युंजय मिश्रा, पीपलू सीओ रामवतार तथा उनियारा सीओ आकांक्षा मौके पर मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरोनी, झिराना, निवाई सदर, दतवास और पीपलू थानों का पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा। प्रशासन ने सभी मांगों को निर्धारित समय-सीमा में लागू करने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया।
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