(सच्चा सागर न्यूज़ नेटवर्क ) टोंक में अवैध हथियार फैक्ट्री पर डीएसटी का कहर, 3 ठिकानों पर छापे, भारी मात्रा में बारूद-हथियार बरामद

 टोंक में अवैध हथियार फैक्ट्री पर डीएसटी का कहर, 3 ठिकानों पर छापे, भारी मात्रा में बारूद-हथियार बरामद

टोंक।

















टोंक (सच्चा सागर )टोंक जिले में अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री के गोरखधंधे पर जिला स्पेशल टीम (DST) ने अब तक की सबसे बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। डीएसटी टोंक ने कोतवाली थाना क्षेत्र टोंक और देवली थाना क्षेत्र में एक साथ तीन ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध हथियार बनाने व बारूद तैयार करने के कारखानों का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में भारी मात्रा में खतरनाक बारूद, विस्फोटक सामग्री, अवैध हथियारों के पुर्जे, नगद राशि और धारदार हथियार बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा पुष्पेन्द्र सोलंकी के निर्देशन में, उप अधीक्षक मृत्युंजय मिश्रा (टोंक) और उप अधीक्षक हेमराज (देवली) के सुपरविजन में, डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। दोनों स्थानों पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

कोतवाली थाना क्षेत्र टोंक : अवैध बारूद फैक्ट्री का खुलासा

टोंक शहर में की गई छापेमारी के दौरान डीएसटी को चौंकाने वाली सफलता हाथ लगी। यहां अवैध रूप से संचालित बारूद और हथियार निर्माण का कारखाना पकड़ा गया, जहां से करीब 32 किलो गन पाउडर, 32 किलो पोटाश, 55 किलो शोरा, 44 किलो सफेद गन पाउडर, ढाई किलो से अधिक छर्रे, कोरडेक्स वायर, एयर गन, पी-कैप्स, गनचाप सहित हथियारों के कई पुर्जे बरामद किए गए।

इस मामले में आरोपी मोहम्मद अतीक पुत्र अलाउद्दीन (65 वर्ष), निवासी मोहल्ला शोरगरान, थाना कोतवाली, को गिरफ्तार किया गया है।

देवली थाना क्षेत्र : हथियारों के पुर्जों का जखीरा

देवली में की गई छापेमारी में भी डीएसटी को बड़ी सफलता मिली। यहां से बंदूक ट्रिगर, प्लेट, मक्खी, टोपी, गन पाउडर, बंदूक कबानी, एक नाली बंदूक, दोनाली बंदूक, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी 3 लाख 3 हजार 50 रुपए नगद राशि और 6 धारदार तलवारें जब्त की गईं।

इस प्रकरण में आरोपी राजू पुत्र स्व. नारायण लाल (57 वर्ष), निवासी पटवा बाजार, थाना देवली, को गिरफ्तार किया गया है।

बड़े हादसे टले, अपराध की कमर टूटी

पुलिस के अनुसार बरामद किया गया बारूद अत्यंत खतरनाक किस्म का है, जिसका इस्तेमाल अवैध हथियारों और आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है। डीएसटी की इस कार्रवाई से न केवल अवैध हथियारों की सप्लाई चेन पर करारा प्रहार हुआ है, बल्कि संभावित बड़े हादसों और जान-माल के नुकसान को भी समय रहते टाल दिया गया है।

डीएसटी और शक्तियां टीम की अहम भूमिका

इस कार्रवाई में डीएसटी टोंक व मालपुरा टीम के साथ-साथ महिला पुलिस बल (शक्तियां टीम) की भी अहम भूमिका रही। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियार और बारूद की सप्लाई किन-किन जिलों तक फैली हुई थी और इसके पीछे कौन-कौन से नेटवर्क सक्रिय हैं।

टोंक जिले में डीएसटी की इस सनसनीखेज कार्रवाई से अवैध हथियार कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आमजन ने पुलिस की इस बड़ी कामयाबी पर राहत की सांस ली है।

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