कर्मचारी महासंघ के धरने के बाद बनी सहमति, बजट सत्र से पहले वार्ता का आश्वासन
निवाई। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित एक दिवसीय विशाल धरने में निवाई से सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया। महासंघ प्रमुख महेंद्र सिंह के नेतृत्व में हुए धरने में प्रदेशभर से हजारों कार्मिक शामिल हुए, जिनमें टोंक जिले की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
धरने में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने लंबित मांगों को लेकर आक्रोश जताया। इनमें राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ, प्रबोधक संघ, शिक्षक संघ सियाराम, लैब टेक्नीशियन, नर्सेज, ईसीजी संघ, एएनएम-एलएचवी संघ, आंगनबाड़ी संघ, पंचायत शिक्षक संघ, पशु मित्र संघ, नॉन-टीएसपी शिक्षक संघर्ष समिति, महिला एवं बाल विकास विभाग महिला पर्यवेक्षक संघ सहित करीब 55 घटक दल शामिल रहे।
निवाई सहित टोंक जिले की ओर से महासंघ महामंत्री प्रमोद स्वर्णकार ने कर्मचारियों की 21 सूत्री मांगों के निस्तारण की पुरजोर मांग रखी। वहीं मीडिया से बातचीत में जिलाध्यक्ष राजाराम जांगिड़ ने चेताया कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे, जिसमें टोंक जिले की अहम भूमिका रहेगी। इसके लिए प्रदेश नेतृत्व द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
धरने के बाद महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल से वार्ता के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि माननीय मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में बजट सत्र से पूर्व प्रत्येक संवर्ग के मांगपत्र पर वार्ता कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
महासंघ के प्रदेश महामंत्री विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि यदि बजट सत्र से पहले समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारियों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। महासंघ प्रमुख महेंद्र सिंह ने सभी कर्मचारी संगठनों से एकजुट रहकर आगामी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।


