*एसडीएम थप्पड़ कांड: नरेश मीणा ने हजारों समर्थकों के बीच किया आत्मसमर्पण*
_टोंक कोर्ट ने भेजा जेल, कहा - "न्यायालय से मुझे न्याय मिलेगा"_
*नगरफोर्ट।* देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुए 'एसडीएम थप्पड़ कांड' के आरोपी नरेश मीणा ने गुरुवार को दोपहर 2:15 बजे नगरफोर्ट थाने में हजारों समर्थकों के बीच आत्मसमर्पण किया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के आला अधिकारी सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसमें आरएसी की एक कंपनी भी शामिल थी।
*निषेधाज्ञा के बावजूद उमड़ी भीड़*: नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद नरेश मीणा के समर्थन में राजस्थान के दूर-दराज क्षेत्रों से हजारों समर्थक पहुंचे। बारिश के बाद भी समर्थक थाने के सामने डटे रहे। उन्होंने शांतिपूर्वक तरीके से नरेश मीणा के समर्थन में नारे लगाए तथा सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ नारेबाजी की।
कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने के लिए मालपुरा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, एससी-एसटी टोंक अतिरिक्त अधीक्षक कमल कुमार और उनियारा पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार कानखेडिया सहित 8 थानों के थाना प्रभारी भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।
*20 मिनट में पूरी हुई प्रक्रिया*: नरेश मीणा के आत्मसमर्पण के समय कुछ देर के लिए पुलिस को समर्थकों को संभालने में मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
थाना परिसर में लगभग 20 मिनट तक गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम से नरेश मीणा का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया। इसके बाद भारी पुलिस बल के बीच उन्हें टोंक न्यायालय के लिए रवाना किया गया, जहां न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया।
*नरेश मीणा ने कहा*
_आत्मसमर्पण से पहले नरेश मीणा ने पत्रकारों व समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि "लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के इशारे पर सरकार ने मेरे राजनीतिक कैरियर को खत्म करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाकर मेरी जमानत निरस्त करवाई है। मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं। इसी कारण गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर आज आत्मसमर्पण के लिए पेश हुआ हूं।_
_पीपलोदी पीड़ितों से मिलना जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं है। मैं हर माह दो बार थाने में हाजिरी दे रहा हूं। मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है।_
_मैं अपने समर्थकों से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें। कोई आंदोलन न करे। आप हजारों की संख्या में यहां पहुंचे, इसके लिए आभारी हूं। भविष्य में भी गरीब किसानों के लिए संघर्ष करता रहूंगा।"_
इससे पहले रास्ते में जगह-जगह उनके समर्थकों द्वारा नरेश मीणा का सम्मान किया गया।
*क्या है पूरा मामला*
13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव के मतदान केंद्र संख्या 113 पर तत्कालीन मालपुरा उपखंड अधिकारी अमित चौधरी के साथ कथित मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में नगरफोर्ट थाने में मुकदमा संख्या 166/2024 दर्ज हुआ था।
हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद नरेश मीणा को पीपलोदी स्कूल हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलने जाते समय गिरफ्तार किया गया था। 44 दिन बाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्होंने पीड़ितों के उचित मुआवजे की मांग को लेकर 15 दिन तक आमरण अनशन किया था।
नगरफोर्ट पुलिस ने इसे जमानत शर्तों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित न्यायालय में जमानत खारिज करने का प्रार्थना पत्र पेश किया था। इसके बाद टोंक स्थित एससी-एसटी न्यायालय ने 13 जुलाई 2026 को जमानत निरस्त कर गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इसके बाद नगरफोर्ट थाना पुलिस ने 20 जुलाई को पत्र जारी कर ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानकवास की पंचायत प्रशासक से नरेश मीणा की चल और अचल संपत्तियों का विवरण मांगा था।
*इनका कहना है*
_समरावता गांव में उपचुनाव के दौरान उपखंड अधिकारी के साथ मारपीट के संबंध में नगरफोर्ट थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 166/24 में जमानत पर चल रहे नरेश मीणा द्वारा जमानत शर्तों का उल्लंघन करने पर टोंक एससी-एसटी न्यायालय ने 13 जुलाई को जमानत निरस्त कर गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। जिसके तहत नरेश मीणा ने नगरफोर्ट थाने में आत्मसमर्पण किया है। उन्हें टोंक न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
*अशोक कुमार कानखेडिया पुलिस उपाधीक्षक उनियारा*
*एसडीएम थप्पड़ कांड: नरेश मीणा ने हजारों समर्थकों के बीच किया आत्मसमर्पण* _टोंक कोर्ट ने भेजा जेल, कहा - "न्यायालय से मुझे न्याय मिलेगा"
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