पेट्रोल टैंकर में आग की सूचना से मचा हडक़ंप, सबसे पहले मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल

पेट्रोल टैंकर में आग की सूचना से मचा हडक़ंप, सबसे पहले मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल
टोंक। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से बुधवार को शहर के कामधेनु सर्किल पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पेट्रोल टैंकर में आग लगने, चालक की मौत होने तथा कई लोगों के टैंकर में फंसे होने की सूचना प्रसारित की गई। सूचना मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक महकमे में अचानक हलचल मच गई। आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत-बचाव कार्यों के समन्वय को परखने के लिए संबंधित विभागों की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। सूचना मिलते ही शहर कोतवाल भंवरलाल वैष्णव अपनी पुलिस टीम के साथ सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल मोर्चा संभालते हुए घटनास्थल की सुरक्षा व्यवस्था अपने नियंत्रण में ली और आवश्यक कार्रवाई शुरू करवाई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचते ही आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। कामधेनु सर्किल पर अचानक बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और यातायात डायवर्जन को देखकर आसपास के लोगों में भी कौतूहल पैदा हो गया। हालांकि बाद में अधिकारियों द्वारा यह मॉक ड्रिल होने की जानकारी दी गई। पुलिसकर्मियों ने मार्ग पर यातायात को नियंत्रित करते हुए आवश्यकतानुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया, ताकि राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। मॉक ड्रिल के दौरान दो दमकल वाहन एवं एंबुलेंस भी मौके पर पहुंचीं। इसके बाद राहत एवं बचाव कार्यों की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। दमकल टीम द्वारा पेट्रोल टैंकर में लगी आग पर काबू पाने की कार्रवाई की तैयारी की गई, वहीं चिकित्सा टीम ने घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने एवं अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था को परखा। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि यदि अचानक पेट्रोल टैंकर में आग लगने जैसी गंभीर आपदा उत्पन्न होती है तो पुलिस, दमकल, चिकित्सा एवं प्रशासनिक टीमें कितनी तेजी से घटनास्थल पर पहुंचकर आपसी समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य शुरू कर सकती हैं। अधिकारियों ने मौके पर संसाधनों की उपलब्धता, टीमों की प्रतिक्रिया, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था तथा राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान शहर कोतवाल भंवरलाल वैष्णव की तत्परता और सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचने की जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने सराहना की। एसपी ने कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तत्काल सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभालने की कार्यशैली की तारीफ की। मॉक ड्रिल के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा, जिला कलेक्टर टीना डाबी, एडीएम विनोद कुमार मीणा, एएसपी रतनलाल भार्गव, शहर कोतवाल भंवरलाल वैष्णव, पुरानी टोंक थाना अधिकारी राजेंद्र प्रसाद तथा सदर थाना अधिकारी अंकेश चौधरी सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान यह भी देखा गया कि आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वय किस प्रकार किया जाता है। मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिस एवं प्रशासन ने संभावित आपदा से निपटने की अपनी तैयारियों को परखा। अधिकारियों ने माना कि इस तरह के अभ्यास से आपातकालीन परिस्थितियों में कमियों की पहचान करने और भविष्य में राहत एवं बचाव व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। मॉक ड्रिल के दौरान संबंधित विभागों की टीमों ने सक्रियता एवं तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने