15 जुलाई के आस-पास पहुंचेंगे देवली
- विनोद धर्मानी
देवली (सच्चा सागर)। शहर में चातुर्मास को लेकर जैन मुनि वैराग्य सागर और मुनि सुप्रभ सागर का मंगल विहार शुक्रवार को झांतला से देवली के लिए शुरू हुआ। यह पदयात्रा करीब 12 दिन तक चलेगी और 15 जुलाई के आसपास मुनि संघ का देवली में मंगल प्रवेश होगा। शुक्रवार रात्रि विश्राम तुरकडी गांव में होगा और शनिवार सुबह का आहार ठुकराई में होगा। विहार के दौरान महावीर नवयुवक मंडल के विशाल जैन, संजय जैन, गोविन्द जैन, ओम जैन, चेतन जैन, विकास जैन, पीयूष, नरेन्द्र जैन, अशोक, कमल बिलाला, कमल पाटनी, रानू जैन, अनिल पाटनी समेत है। बता दे कि दोनों जैन मुनि इस बार देवली में चातुर्मास करेंगे। जिनका संत निवास महावीर दिगंबर जैन मंदिर होगा। गौरतलब है कि जैन धर्म में चतुर्मास का विशेष महत्व है। वर्षा ऋतु के चार महीनों में मुनि और आर्यिकाएँ एक ही स्थान पर निवास करते हैं। अहिंसा की रक्षा के लिए मुनि विहार नहीं करते, ताकि वर्षा ऋतु में उत्पन्न सूक्ष्म जीवों की रक्षा हो सके। इस अवधि में मुनि प्रवचन, शास्त्र अध्ययन और धर्मोपदेश के माध्यम से धर्म का प्रसार करते हैं। यह समय तप, ध्यान और स्वाध्याय के लिए उत्तम होता है। गृहस्थ इस अवधि में व्रत, उपवास, सामायिक और दान के माध्यम से अपनी साधना करते हैं।
