औद्योगिक प्रदूषण से फसलें और स्वास्थ्य प्रभावित होने का आरोप


ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 

निवाई (सच्चा सागर)। गांव अलियाबाद व उसके आस-पास के गांवों में औद्योगिक गतिविधियों के कारण पर्यावरण व मानवीय स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुँच रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर टीना डाबी को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी निजी खातेदारी की कृषि भूमियों के पास स्थित मैसर्स राघव रैमिंग मास प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी द्वारा लगभग 250 बीघा भूमि पर सिलिका निर्माण व उससे संबंधित कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी अव्यवस्था व प्रदूषण फैल गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी में लगातार होने वाले भारी ट्रकों के आवागमन के कारण अलियाबाद सहित आसपास के गांवों के लोगों का दैनिक रास्ता बाधित हो रहा है एवं कंपनी द्वारा उपयोग में लिए जा रहे भू-जल व औद्योगिक अपशिष्ट जल को बिना किसी उपचार के सीधे ही आसपास के खेतों में बहाया जा रहा है। इस दूषित रासायनिक पानी के प्रवाह के कारण कई किसानों की उपजाऊ जमीन बंजर हो चुकी है और बची हुई खेतों की जमीनें भी खराब हो रही हैं, कंपनी द्वारा इस अपशिष्ट जल के एक नाले को भी बंद कर दिया गया है। कंपनी के कार्यों से वातावरण में सफेद धुआं व पाउडर लगातार हवा में छोड़ा जा रहा है। जिससे आसपास के गांवों के खेतों, पेड़ों व घरों पर सफेद धूल की चादर सी जमती हुई साफ देखी जा रही है। यह खतरनाक सफेद धूल सांस के जरिए लोगों के शरीर के अंदर जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त कंपनी औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आती है। इस प्रदूषणकारी गतिविधियों के कारण गांव बहकवा, संग्रामपुरा, चैनपुरा, अलियाबाद, खेड़ी मोहनपुरा व महाराजपुरा के निवासियों व उनकी फसलों को भारी नुकसान हो रहा हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की गुहार की, ताकि क्षेत्र में हो रहे इस जलवायु व मानवीय नुकसान को समय रहते रोका जा सके। ज्ञापन देने वालों में लालाराम शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, केदारनारायण शर्मा, रामगोपाल शर्मा, रामकल्याण शर्मा, गिर्राज शर्मा, रामजीलाल, प्रहलाद शर्मा, मदनलाल शर्मा, शंकरलाल शर्मा, चिरंजीलाल शर्मा, रामप्रसाद शर्मा व रामअवतार शर्मा सहित गांव अलियाबाद व बहकवा के कई ग्रामीण मौजूद थे।                 


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