लांबाहरिसिंह (सच्चा सागर)। पालिका स्तरीय 12 वां अतंरराष्ट्रीय योग दिवस ‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योगा’ थीम पर लांबाहरिसिंह के किले में रविवार को सुबह 6:30 बजे से 8 बजे तक आयोजित किया गया। पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट जिला योग विस्तारक रामप्रसाद सोनी योग शिक्षक सीताराम बैरवा ने अनुलोम-विलोम, प्रक्षालन, ताड़ासन, भ्रामरी, चक्रासन, वज्रासन सहित कई योगाभ्यास कराए। रामप्रसाद सोनी ने बताया विश्व कल्याण और पर्यावरण सद्भावना को बढ़ावा देने की भावना के साथ योगा अभ्यास करवाया। उन्होंने कहा कि जीवन शैली में हमें कम से कम एक घंटा प्रतिदिन योग व प्राणायाम को देना चाहिए। कार्यक्रम में योग शिक्षक सीता राम बैरवा ने कहा कि निरोगी काया सबसे पहला सुख है। आज के समय में बच्चे मोबाइल में उलझकर परिवार से दूर हो रहे हैं। इससे उनके संस्कार कमजोर हो रहे हैं। योग से परिवार और समाज दोनों जुड़ते हैं। सीआई डॉ. रविश सामरिया ने कहा कि योग नहीं करने से बुढ़ापे में कई बीमारियां घेर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी योग करना चाहिए। हालांकि वे घर के कामों में पहले से ही सक्रिय रहती हैं, जो अपने आप में योग है। इस दौरान सभी को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस दौरान शिक्षक, विधार्थी, महिला पुरुष सहित गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
लांबाहरिसिंह (सच्चा सागर)। पालिका स्तरीय 12 वां अतंरराष्ट्रीय योग दिवस ‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योगा’ थीम पर लांबाहरिसिंह के किले में रविवार को सुबह 6:30 बजे से 8 बजे तक आयोजित किया गया। पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट जिला योग विस्तारक रामप्रसाद सोनी योग शिक्षक सीताराम बैरवा ने अनुलोम-विलोम, प्रक्षालन, ताड़ासन, भ्रामरी, चक्रासन, वज्रासन सहित कई योगाभ्यास कराए। रामप्रसाद सोनी ने बताया विश्व कल्याण और पर्यावरण सद्भावना को बढ़ावा देने की भावना के साथ योगा अभ्यास करवाया। उन्होंने कहा कि जीवन शैली में हमें कम से कम एक घंटा प्रतिदिन योग व प्राणायाम को देना चाहिए। कार्यक्रम में योग शिक्षक सीता राम बैरवा ने कहा कि निरोगी काया सबसे पहला सुख है। आज के समय में बच्चे मोबाइल में उलझकर परिवार से दूर हो रहे हैं। इससे उनके संस्कार कमजोर हो रहे हैं। योग से परिवार और समाज दोनों जुड़ते हैं। सीआई डॉ. रविश सामरिया ने कहा कि योग नहीं करने से बुढ़ापे में कई बीमारियां घेर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी योग करना चाहिए। हालांकि वे घर के कामों में पहले से ही सक्रिय रहती हैं, जो अपने आप में योग है। इस दौरान सभी को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस दौरान शिक्षक, विधार्थी, महिला पुरुष सहित गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
