झिलाय (सच्चा सागर)। ग्राम झिलाय स्थित निवाई-बोली मार्ग पर तैलोलाई बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम हनुमंत नवकुंडात्मक महायज्ञ के सातवें दिन संत प्रेम दास त्यागी महाराज सरावडिय़ा वाले के सानिध्य में श्रद्धालुओं एवं यजमानों ने हवन कुंडों में आहुतियां अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। महायज्ञ के दौरान यज्ञाचार्य पंडित राकेश कुमार मिश्रा ने यजमानों को विधिवत आहुतियां दिलाते हुए यज्ञ के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यज्ञ का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व है। यज्ञ से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होता है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, सुख-शांति एवं परिवारों में समृद्धि का वातावरण बनता है। संत प्रेम दास त्यागी महाराज ने कहा कि हनुमान जी महाराज के सानिध्य में आयोजित यह महायज्ञ सभी भक्तों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि 16 जून से प्रारंभ हुए इस महायज्ञ में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक यज्ञशाला में श्रद्धालुओं द्वारा आहुतियां अर्पित की जा रही हैं। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक संगीतमय रामकथा का वाचन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि महायज्ञ में आने वाले साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु महायज्ञ में शामिल होकर भोजन प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। महायज्ञ परिसर में पूरे दिन धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक आयोजन में भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।
झिलाय (सच्चा सागर)। ग्राम झिलाय स्थित निवाई-बोली मार्ग पर तैलोलाई बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम हनुमंत नवकुंडात्मक महायज्ञ के सातवें दिन संत प्रेम दास त्यागी महाराज सरावडिय़ा वाले के सानिध्य में श्रद्धालुओं एवं यजमानों ने हवन कुंडों में आहुतियां अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। महायज्ञ के दौरान यज्ञाचार्य पंडित राकेश कुमार मिश्रा ने यजमानों को विधिवत आहुतियां दिलाते हुए यज्ञ के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यज्ञ का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व है। यज्ञ से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होता है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, सुख-शांति एवं परिवारों में समृद्धि का वातावरण बनता है। संत प्रेम दास त्यागी महाराज ने कहा कि हनुमान जी महाराज के सानिध्य में आयोजित यह महायज्ञ सभी भक्तों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि 16 जून से प्रारंभ हुए इस महायज्ञ में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक यज्ञशाला में श्रद्धालुओं द्वारा आहुतियां अर्पित की जा रही हैं। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक संगीतमय रामकथा का वाचन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि महायज्ञ में आने वाले साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु महायज्ञ में शामिल होकर भोजन प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। महायज्ञ परिसर में पूरे दिन धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक आयोजन में भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।
