टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट टोड़ारायसिंह अनुभा सिंह की अध्यक्षता में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई के सफल आयोजन के लिए अधिवक्तागण के साथ बैठक आयोजित की गई। न्यायाधीश ने बताया कि 09 मई को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार पूरे राजस्थान में सभी जिलों में स्थित न्यायालयों में राजीनामे योग्य प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण हेतु लोक अदालत का आयोजन रखा गया है। लोक अदालत के माध्यम से वैवाहिक विवाद, चैक अनादरण, राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, दुर्घटना दावा, वाणिज्यक विवाद, उपभोक्ता विवाद, घरेलू हिंसा, सेवा संबंधित प्रकरण ऋण वसूली प्रकरण, विभाजन से संबंधित प्रकरण एवं अन्य सिविल प्रकरण जो राजीनामा योग्य है को लोक अदालत में रखवाया जा सकता है। राजीनामा की भावना से निस्तारित प्रकरण में किसी पक्षकारन का न जीत होती न ही हार होती है, जिससे पक्षकारान में सौहार्द की भावना बनी रहती है। लोक अदालत एक सरल प्रक्रिया जिससे समय एवं धन की बचत भी होती हैं तथा वर्षों पुराने प्रकरण सौहार्द पूर्ण निस्तारित हो जाते है। न्यायाधीश ने समस्त अधिवक्तागग को राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारान से वार्ता कर थोडी भी राजीनामा की सम्भावना होने पर प्रकरणों को लोक अदालत में रैफर करवाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान राकेश गांगनाल अध्यक्ष अभिभाषक संघ टोडारायसिंह सहित अधिवक्ता रामगोपाल नागर, श्रीनारायण चौधरी, भवरलाल चौधरी, सतीश जैन, गोपाल लाल जाट, धनश्याम शर्मा, भंवरलाल गुर्जर, अनुराग शर्मा, इन्दुशेखर शर्मा, दीपक जैन, राजेन्द्र कुमार नागर, राजेश स्वर्णकार, रामा, मनीषा, अन्नु आदि उपस्थित रहे।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट टोड़ारायसिंह अनुभा सिंह की अध्यक्षता में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई के सफल आयोजन के लिए अधिवक्तागण के साथ बैठक आयोजित की गई। न्यायाधीश ने बताया कि 09 मई को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार पूरे राजस्थान में सभी जिलों में स्थित न्यायालयों में राजीनामे योग्य प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण हेतु लोक अदालत का आयोजन रखा गया है। लोक अदालत के माध्यम से वैवाहिक विवाद, चैक अनादरण, राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, दुर्घटना दावा, वाणिज्यक विवाद, उपभोक्ता विवाद, घरेलू हिंसा, सेवा संबंधित प्रकरण ऋण वसूली प्रकरण, विभाजन से संबंधित प्रकरण एवं अन्य सिविल प्रकरण जो राजीनामा योग्य है को लोक अदालत में रखवाया जा सकता है। राजीनामा की भावना से निस्तारित प्रकरण में किसी पक्षकारन का न जीत होती न ही हार होती है, जिससे पक्षकारान में सौहार्द की भावना बनी रहती है। लोक अदालत एक सरल प्रक्रिया जिससे समय एवं धन की बचत भी होती हैं तथा वर्षों पुराने प्रकरण सौहार्द पूर्ण निस्तारित हो जाते है। न्यायाधीश ने समस्त अधिवक्तागग को राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारान से वार्ता कर थोडी भी राजीनामा की सम्भावना होने पर प्रकरणों को लोक अदालत में रैफर करवाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान राकेश गांगनाल अध्यक्ष अभिभाषक संघ टोडारायसिंह सहित अधिवक्ता रामगोपाल नागर, श्रीनारायण चौधरी, भवरलाल चौधरी, सतीश जैन, गोपाल लाल जाट, धनश्याम शर्मा, भंवरलाल गुर्जर, अनुराग शर्मा, इन्दुशेखर शर्मा, दीपक जैन, राजेन्द्र कुमार नागर, राजेश स्वर्णकार, रामा, मनीषा, अन्नु आदि उपस्थित रहे।
