श्रमण संस्कृति शिविर का हुआ समापन, पुरस्कृत किया


- विनोद धर्मानी

देवली (सच्चा सागर)। दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वाधान में इस वर्ष भी श्रमण संस्कृति शिविर 16 से 22 अप्रैल तक महावीर दिगंबर जैन मंदिर में हुआ। प्रवक्ता अंकित जैन डाबर ने बताया कि इसमें सांगानेर से आए विद्वत कुशाल जैन शास्त्री टोंक और विद्वत मंथन जैन शास्त्री हिंडौन ने सात दिन तक लोगों को ज्ञान रूपी अहम जानकारी दी। शिविर के दौरान तत्वार्थसूत्र, इष्टोपदेश, बालबोध भाग-एक और प्रात: काल सभी के लिए मंगलाष्टक और पूजन की पंक्तियों के अर्थ की कक्षा भी चलाई गई। शिविर में 70 लोगों ने बैठ कर मां जिनवाणी का स्वाध्याय किया। शिविर के अंत में परीक्षा का आयोजन भी किया गया। जिसमें वर्षा जैन डाबर ने शिविर टॉपर कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि द्वितीय स्थान सीमा शाह, तृतीय स्थान दक्ष जैन ने प्राप्त किया। इसी तरह तत्त्वार्थ सूत्र विषय में प्रथम स्थान हीरामणि बाकलीवाल, द्वितीय स्थान प्रेम देवी अजमेरा एवं तृतीय स्थान पारसमल जैन ने प्राप्त किया। इष्टोंपदेश विषय में शकुंतला जैन ने प्रथम, द्वितीय स्थान अलका जैन, तृतीय स्थान अंजना जैन ने प्राप्त किया। वहीं बालबोध (बच्चों) में मौखिक में अव्यान जैन प्रथम स्थान प्राप्त किया। बालबोध लिखित में कनिका जैन ने प्रथम, द्वितीय नमन जैन, तृतीय अग्रणी जैन ने प्राप्त किया। इस दौरान अध्यक्ष संजय काला, संरक्षक पदम पाटनी, मंत्री, शांतिलाल सोनी उपाध्यक्ष डॉ. विमल जैन, महावीर प्रसाद जैन, कोषाध्यक्ष गोविंद बाकलीवाल, द्वादश वर्षीय पाठ्यक्रम के अध्यक्ष राकेश अजमेरा, महिला अध्यक्ष पिंकी सेठी, नवयुवक मंडल अध्यक्ष नरेंद्र बडज़ात्या ने सभी प्रतिभागियों को पारितोषिक से सम्मानित किया।     


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