टोंक (सच्चा सागर)। आमजन को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा टोंक में सख्त कार्रवाई की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि शहर के छावनी चौराहा स्थित मैसर्स दीपक मिष्ठान भंडार का फूड लाइसेंस आगामी आदेशों तक निलंबित कर दिया गया है तथा सभी प्रकार के खाद्य कारोबार पर रोक लगा दी गई है। जांच में सामने आया कि यहां बेचे जा रहे लड्डुओं में निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा में रंग मिलाकर बिक्री की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी केसरी नन्दन शर्मा ने बताया कि पूर्व में तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्य नारायण गुर्जर द्वारा उक्त फर्म से लड्डू (बेसन, वनस्पति व रिफाइंड सोयाबीन तेल से निर्मित) का नमूना लिया गया था, जो जांच रिपोर्ट में अनसेफ एवं सबस्टैंडर्ड पाया गया। इसके बाद फर्म को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद 27 फरवरी को पुन: लिए गए लड्डू के नमूने (बेसन व रिफाइंड सोयाबीन तेल से निर्मित) भी जांच में अनसेफ पाए गए, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। अतिरिक्त आयुक्त खाद्य सुरक्षा भगवत सिंह के निरीक्षण निर्देशों के तहत अनसेफ खाद्य पदार्थ बेचने वाली फर्मों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अभिहित अधिकारी एवं सीएमएचओ टोंक द्वारा उक्त फर्म का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभाग ने बताया कि गर्मी के मौसम और विवाह सीजन को देखते हुए बाजार में मिलावटी घी, दूध, मावा, पनीर, मसाले, कोल्ड ड्रिंक्स एवं अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोकथाम के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। दुकानदारों को फूड लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन प्रदर्शित करने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा दूषित खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
टोंक में मिलावट पर सख्त कार्रवाई, मिष्ठान भंडार का लाइसेंस निलंबित
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