चार साल से उप तहसील का भवन अधूरा, अस्पताल परिसर में अस्थायी संचालन


- भगवान गौतम

रानोली (सच्चा सागर)। रानोली में उप तहसील की घोषणा हुए करीब चार वर्ष बीत जाने के बावजूद भी अब तक भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। राज्य बजट 2023 में रानोली को उप तहसील बनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद तत्कालीन उप तहसीलदार विशाल वर्मा ने जुलाई 2024 से उप तहसील का संचालन कर दिया गया, लेकिन भवन नहीं होने के कारण इसे फिलहाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में अस्थायी रुप से संचालित किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उप तहसील संचालित होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में स्थान सीमित होने से आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। नायब तहसीलदार ने बताया कि यहां रजिस्ट्रेशन सहित अन्य राजस्व कार्य किए जा रहे हैं। उप तहसील शुरू होने से रानोली ओर आस पास के गांवों के ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। पहले इन कार्य के लिए ग्रामीणों को पीपलू तहसील मुख्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश काम स्थानीय स्तर पर होने से समय ओर दुरी की बचत हो रही है। हालांकि भवन निर्माण नहीं होने से तहसील का संचालन अस्थाई व्यवस्था में करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थाई भवन जल्दी निर्माण करवाने की मांग की है, ताकि राजस्व कार्य सुचारू रूप से हो सकें। ओर स्वास्थ्य केंद्र पर भी अनावश्यक दबाव कम हो सकें। अधिवक्ताओं को भी हो रही परेशानी 

एडवोकेट चतुर्भुज गुर्जर, मदनलाल जाट, महेंद्र शर्मा, राजेश चौधरी ने कहा कि स्थाई भवन नहीं होने से अधिवक्ताओं को ओर आम लोगों को असुविधा होती है। यदि भवन निर्माण हो जाएं तो अधिवक्ताओं को बैठने की व्यवस्था हो सकेगी। राजस्व कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग़ से हो पाएंगे।     

चार भाइयों ने दान की थी जमीन

उप तहसील के स्थाई भवन निर्माण के लिए रानोली के ही भामाशाह चार भाइयों राजाराम गुर्जर, धन्ना गुर्जर, हरजीराम गुर्जर, रामअवतार गुर्जर ने अपनी कीमती जमीन दान में दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्दी निर्माण प्रक्रिया शुरू करें तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती है।      


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