टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। दादू पर्यावरण संस्थान टोंक एवं साहित्य मंच टोड़ारायसिंह के तत्वावधान में कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बेजुबान पक्षियों की भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए परिसर में परिण्डें बांधे गए। साथ ही गौरैया चिडिय़ा प्रजनन को बढ़ावा देने हेतु जगह-जगह घोंसले लटकाएं गये, ताकि चिडिय़ा इन घोंसलों में अण्डे दे सकें। साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने बताया कि इस वर्तमान परिस्थितियों में गौरैया चिडिय़ा विलुप्त होती जा रही है। जबकि यह चिडिय़ा किसान की हितैषी है। सभी विद्यार्थियों को अपने मकान की छत पर नियमित रूप से एक मु_ी दाना एवं पानी का सकोरा रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य चंद्र प्रकाश कुर्मी, व्याख्याता बृजमोहन सिंह, शिक्षक महेश शर्मा सहित शाला परिवार के शिक्षक गण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। दादू पर्यावरण संस्थान टोंक एवं साहित्य मंच टोड़ारायसिंह के तत्वावधान में कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बेजुबान पक्षियों की भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए परिसर में परिण्डें बांधे गए। साथ ही गौरैया चिडिय़ा प्रजनन को बढ़ावा देने हेतु जगह-जगह घोंसले लटकाएं गये, ताकि चिडिय़ा इन घोंसलों में अण्डे दे सकें। साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने बताया कि इस वर्तमान परिस्थितियों में गौरैया चिडिय़ा विलुप्त होती जा रही है। जबकि यह चिडिय़ा किसान की हितैषी है। सभी विद्यार्थियों को अपने मकान की छत पर नियमित रूप से एक मु_ी दाना एवं पानी का सकोरा रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य चंद्र प्रकाश कुर्मी, व्याख्याता बृजमोहन सिंह, शिक्षक महेश शर्मा सहित शाला परिवार के शिक्षक गण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
