बन्दरों के आतंक के चलते विद्यालय में बच्चों को छोडऩे आए अभिभावक हुआ चोटिल


- अलीगढ़ अस्पताल में कराया अभिभावक का प्राथमिक उपचार     

- विद्यालय प्रशासन ने वन विभाग सहित उच्चाधिकारियों को लिखकर समस्या के समाधान की मांग 

- सलीम खान 

अलीगढ़ (सच्चा सागर)। कस्बा अलीगढ़ में इन दिनों बन्दरों के आंतक कस्बेवासियों व बच्चे परेशान है। समस्या को लेकर ग्राम पंचायत अलीगढ़ प्रशासन की और कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। जिससे कस्बेवासियों में ग्राम पंचायत अलीगढ़ प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। कस्बा अलीगढ़ में स्थित पीएमश्री महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में में बंदरों का आतंक से विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं व अभिभावकों व शिक्षकों में भी भय बना हुआ था। विद्यालय परिसर में बन्दरो़ का आंतक बने रहने के साथ विद्यालय में झूण्ड़ लगाकर विचरण करते रहते है। गुरुवार को कस्बा अलीगढ़ निवासी अभिभावक सूरज वर्मा अपने बच्चों को विद्यालय पढऩे के लिए छोडऩे आया तो विद्यालय के अंदर बंदर ने हमला कर दिया सूरज वर्मा चोटिल हो गया, अभिभावक ने हॉस्पिटल जाकर उपचार करवाया। विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं पूर्व में बन्दरों के आंतक से चोटिल होने की घटनाएं हो चुकी है। छात्राओं ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों व ग्राम पंचायत प्रशासन से बन्दरों के आतंक की समस्या के समाधान की मांग की गई। लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने से विद्यालय व गली-मोहल्लों में बंदरों का आतंक बने रहने से छात्र-छात्राएं व मोहल्लेवासी सहमे हुए है। इधर कस्बेवासियों का कहना है कि कस्बा अलीगढ़ में पिछले कई महीनों से बंदरों का आंतक से कस्बेवासी व बड़े-छोटे बच्चों में काफी परेशान है। बंदरों के आंतक से लोग व महिलाएं तथा छोटे बच्चे अपने मकानों की छतों पर जाने में कतराते है। बन्दरों के आंतक के चलते पूर्व में कस्बे के गली-मोहल्लों रहने वाले बड़े-छोटे बच्चों व लोग व महिलाएं चोटिल का शिकार हो चुके है। कस्बे में बंदरों के आंतक के चलते घरों में रखे घरेलू सामानों व छतों पर रखी प्लास्टिक की पानी टंकियों व ढ़क्कन तथा पाइपों को तोडक़र नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इनका कहना है कि पीएमश्री महात्मा गांधी राजकीय  विद्यालय अलीगढ़ प्रधानाचार्य सत्येन्द्रपाल सिंह का कहना है कि हमने पहले भी लिखित में ग्राम पंचायत को अवगत करा रखा है। समस्या को लेकर वन विभाग सहित उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। प्रशासन जल्द समस्याओं का समाधान करे। ताकि विद्यालय में पढऩे वाले छात्र और छात्र-छात्राओं को इस समस्या से निजात मिल सके। 

इनका कहना है कि उनियारा पंचायत समिति विकास अधिकारी शंकर लाल मेघवाल का कहना है कि जल्द ही गांव वालों के सहयोग से बंदरों को कस्बे से बाहर भिजवाया जाएगा।                           


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