टोंक (सच्चा सागर)। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) को 6 माह के उपवास के पश्चात गन्ने के रस के रूप में प्रथम आहार प्राप्त होने की पावन स्मृति में अक्षय तृतीया का पर्व शहर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जैन धर्मावलंबियों द्वारा मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ आमजन को गन्ने का रस वितरित किया गया। वर्धमान पाठशाला की व्यवस्थापक पूनम अनोपड़ा ने बताया कि प्रात: काल भगवान आदिनाथ का नित्य अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा की गई। इसके पश्चात भगवान आदिनाथ की पूजा, नित्य नियम पूजा एवं भगवान महावीर स्वामी की आराधना कर अर्घ्य एवं श्रीफल अर्पित किए गए। पंडित राजीव शास्त्री के सानिध्य में आदिनाथ मंडल विधान का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान को 128 अर्घ्य एवं श्रीफल समर्पित किए गए। इस दौरान वर्धमान पाठशाला के बालकों द्वारा भक्ति नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया। पंडित राजीव शास्त्री ने अक्षय तृतीया के जैन धर्म में महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान ऋषभदेव को छह माह के उपवास के पश्चात श्रावकों द्वारा गन्ने के रस से प्रथम आहार दिया गया था, इसी उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जाता है। मंडल विधान के उपरांत वर्धमान पाठशाला के बच्चों को कस्तूरी देवी, कमल कुमार, विमल कुमार एवं संजय कुमार बिलासपुरिया परिवार की ओर से पुरस्कार वितरित किए गए। इस अवसर पर पाठशाला की अध्यक्ष संगीता बिलासपुरिया, सुरभि चौधरी, अंतिक्षा पाटनी, रिंकू अनोपड़ा, पायल चौधरी, मंजू सोनी, निशा कासलीवाल, स्नेहलता जैन, सीमा सोनी, आशा देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं बच्चे उपस्थित रहे। वहीं दूसरी ओर, औषधालय समिति के प्रवक्ता राजेश अरिहंत ने बताया कि श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन तेरापंथ ट्रस्ट भवन, पुरानी टोंक में संचालित पारसमल धर्मचंद बिलासपुरिया चैरिटेबल आयुर्वेदिक औषधालय समिति द्वारा अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में आमजन को गन्ने का रस पिलाया गया। मार्ग से गुजरने वाले लोगों ने उत्साहपूर्वक गन्ने का रस ग्रहण कर प्रसन्नता व्यक्त की। औषधालय समिति की संरक्षक कस्तूर देवी एवं अध्यक्ष कमल कुमार जैन ने बताया कि समिति द्वारा प्रतिवर्ष इस दिन सेवा कार्य के रूप में गन्ने का रस वितरित किया जाता है। मंत्री विमल कुमार जैन ने जानकारी दी कि औषधालय में वैद्य पूनम साहू द्वारा प्रतिदिन मरीजों का निशुल्क उपचार एवं दवा वितरण किया जाता है तथा प्रतिवर्ष विशाल नि:शुल्क जांच शिविर भी आयोजित किया जाता है। गन्ने का रस वितरण कार्यक्रम में व्यवस्थापक खेमचंद, गजेन्द्र, आशीष जैन, सुरेंद्र जयपुरिया, नवीन जैन, मोनू पाटनी, कल्याण नामा, बद्रीप्रसाद शर्मा, प्रमोद कुमार, पंकज शर्मा, टिम्मी नामा, लाड देवी, सरोज बाई, जिनेंद्र जैन सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
टोंक (सच्चा सागर)। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) को 6 माह के उपवास के पश्चात गन्ने के रस के रूप में प्रथम आहार प्राप्त होने की पावन स्मृति में अक्षय तृतीया का पर्व शहर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जैन धर्मावलंबियों द्वारा मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ आमजन को गन्ने का रस वितरित किया गया। वर्धमान पाठशाला की व्यवस्थापक पूनम अनोपड़ा ने बताया कि प्रात: काल भगवान आदिनाथ का नित्य अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा की गई। इसके पश्चात भगवान आदिनाथ की पूजा, नित्य नियम पूजा एवं भगवान महावीर स्वामी की आराधना कर अर्घ्य एवं श्रीफल अर्पित किए गए। पंडित राजीव शास्त्री के सानिध्य में आदिनाथ मंडल विधान का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान को 128 अर्घ्य एवं श्रीफल समर्पित किए गए। इस दौरान वर्धमान पाठशाला के बालकों द्वारा भक्ति नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया। पंडित राजीव शास्त्री ने अक्षय तृतीया के जैन धर्म में महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान ऋषभदेव को छह माह के उपवास के पश्चात श्रावकों द्वारा गन्ने के रस से प्रथम आहार दिया गया था, इसी उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जाता है। मंडल विधान के उपरांत वर्धमान पाठशाला के बच्चों को कस्तूरी देवी, कमल कुमार, विमल कुमार एवं संजय कुमार बिलासपुरिया परिवार की ओर से पुरस्कार वितरित किए गए। इस अवसर पर पाठशाला की अध्यक्ष संगीता बिलासपुरिया, सुरभि चौधरी, अंतिक्षा पाटनी, रिंकू अनोपड़ा, पायल चौधरी, मंजू सोनी, निशा कासलीवाल, स्नेहलता जैन, सीमा सोनी, आशा देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं बच्चे उपस्थित रहे। वहीं दूसरी ओर, औषधालय समिति के प्रवक्ता राजेश अरिहंत ने बताया कि श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन तेरापंथ ट्रस्ट भवन, पुरानी टोंक में संचालित पारसमल धर्मचंद बिलासपुरिया चैरिटेबल आयुर्वेदिक औषधालय समिति द्वारा अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में आमजन को गन्ने का रस पिलाया गया। मार्ग से गुजरने वाले लोगों ने उत्साहपूर्वक गन्ने का रस ग्रहण कर प्रसन्नता व्यक्त की। औषधालय समिति की संरक्षक कस्तूर देवी एवं अध्यक्ष कमल कुमार जैन ने बताया कि समिति द्वारा प्रतिवर्ष इस दिन सेवा कार्य के रूप में गन्ने का रस वितरित किया जाता है। मंत्री विमल कुमार जैन ने जानकारी दी कि औषधालय में वैद्य पूनम साहू द्वारा प्रतिदिन मरीजों का निशुल्क उपचार एवं दवा वितरण किया जाता है तथा प्रतिवर्ष विशाल नि:शुल्क जांच शिविर भी आयोजित किया जाता है। गन्ने का रस वितरण कार्यक्रम में व्यवस्थापक खेमचंद, गजेन्द्र, आशीष जैन, सुरेंद्र जयपुरिया, नवीन जैन, मोनू पाटनी, कल्याण नामा, बद्रीप्रसाद शर्मा, प्रमोद कुमार, पंकज शर्मा, टिम्मी नामा, लाड देवी, सरोज बाई, जिनेंद्र जैन सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
