मजदूरों का हल्ला बोल, वेतन, पीएफ और सम्मान के लिए सडक़ों पर उतरने की तैयारी
लघु उद्योग मजदूर संघ ने बुलंद की 9 सूत्री मांगों की आवाज
- आशा किशन गुर्जर
निवाई (सच्चा सागर)। उपखंड क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के हितों को लेकर ‘निवाई लघु उद्योग मजदूर संघ (सीटू)’ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने सहायक श्रम आयुक्त एवं समझौता अधिकारी, टोंक को एक ज्ञापन सौंपकर मिल मालिकों के सामने अपनी 9 सूत्री मांगों का मांग-पत्र रखा है। संघ ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि मिलों की मशीनों को चलाने वाले हाथों को अब उनका जायज हक मिलना चाहिए, अन्यथा औद्योगिक क्षेत्र में बड़े आंदोलन की नींव रखी जाएगी।
प्रमुख मांगें जिन पर टिकी हैं मजदूरों की नजरें
वर्तमान वेतन में ग्रेड पे के आधार पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए, सभी श्रमिकों को ईएसआई और भविष्य निधि (पीएफ) से जोड़ा जाए, साथ ही हर महीने पे-स्लिप और पहचान पत्र अनिवार्य रूप से दिए जाएं, दीपावली पर 8.33 प्रतिशत की दर से बोनस का भुगतान किया जाए, मई के महीने में अनाज खरीदने के लिए ‘ग्रेन एडवांस’ दिया जाए, जिसकी कटौती साल भर किस्तों में हो।दीपावली पर वर्दी और जूतों की जोड़ी, हर महीने साबुन, और केंद्र सरकार की तर्ज पर महंगाई भत्ता देने की मांग की गई है, उद्योगों में पीने के साफ पानी और सुव्यवस्थित शौचालय (लैट्रिन-बाथरूम) की व्यवस्था सुनिश्चित हो, श्रमिकों को साल में 11 राष्ट्रीय व त्योहारों के सवेतन अवकाश और नियमानुसार पीएल व सीएल की छुट्टियां दी जाएं।
मजदूरों का कहना
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में श्रमिकों का गुजारा मुश्किल हो रहा है। औद्योगिक इकाइयों की प्रगति में पसीना बहाने वाले मजदूरों को उनका हक मिलना ही चाहिए। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि मिल मालिक इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द समाधान निकालें। संघ ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि महंगाई के इस दौर में जहाँ मजदूरों को न तो 15 प्रतिशत की अनिवार्य वेतन वृद्धि मिल रही है, न ही उन्हें भविष्य निधि (पीएफ) और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जा रहा है, यहाँ तक कि कई इकाइयों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी मानवीय सुविधाओं का भी घोर अभाव है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चक्का जाम और महापड़ाव की चेतावनी
मजदूर संघ ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की रणनीति का खुलासा कर दिया है, संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो पूरे निवाई क्षेत्र में उग्र चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा। माल की आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी। मिलों में मशीनों का चक्का ठप कर रखा जाएगा। जब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं होगा, मजदूर काम पर नहीं लौटेंगे। निवाई की सडक़ें जाम होंगी और मिलों, तहसील कार्यालय और उपखंड मुख्यालय पर हजारों की संख्या में मजदूर महापड़ाव डालेंगे। संघ ने साफ कहा है कि इस बार लड़ाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर लड़ी जाएगी।
