30 लाख के कथित अनियमित भुगतान मामले में वसूली नोटिस पर रोक

अधिकरण ने मांगा जवाब 

टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण, जयपुर ने टोड़ारायसिंह पंचायत समिति क्षेत्र की 9 ग्राम पंचायतों में करीब 30 लाख रुपए के कथित अनियमित भुगतान के मामले में अहम आदेश दिया है। अधिकरण ने टोंक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा 2 अप्रैल 2026 को जारी वसूली नोटिस की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अधिकरण ने राज्य के प्रमुख पंचायती राज सचिव, टोंक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टोडारायसिंह पंचायत समिति के विकास अधिकारी सहित मालपुरा, देवली और उनियारा पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश अधिकरण की पीठ, न्यायिक सदस्य पूनम दरगन और सदस्य प्रकाश चंद्र शर्मा द्वारा दिया गया। उन्होंने मालपुरा पंचायत समिति में कार्यरत कनिष्ठ तकनीकी सहायक राधेश्याम धाकड़, देवली पंचायत समिति के ओमप्रकाश वर्मा और उनियारा पंचायत समिति के गिरिराज प्रसाद धाकड़ की ओर से अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा (मालपुरा) के माध्यम से दायर अपीलों पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। प्रकरण के अनुसार, जिला परिषद ने करीब 8 वर्षों तक चली जांच के बाद टोडारायसिंह पंचायत समिति के तत्कालीन विकास अधिकारी मदनलाल बैरवा, महेंद्र कुमार जैन तथा तीनों अपीलार्थियों को 50 लाख रुपए के कार्यों के बदले करीब 80 लाख रुपए के कथित अनियमित भुगतान का दोषी माना था। इसके बाद 2 अप्रैल को वसूली की कार्रवाई शुरू करते हुए 15 दिनों के भीतर राशि जमा कराने के नोटिस जारी किए गए थे। अपील में कनिष्ठ तकनीकी सहायकों ने दलील दी कि जांच प्रतिवेदन में उनके पक्ष को शामिल नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भुगतान संबंधी अधिकार उनके पास नहीं थे और समस्त जिम्मेदारी तत्कालीन विकास अधिकारी पर है, ऐसे में उन्हें दोषी ठहराना उचित नहीं है। मामले की सुनवाई के बाद अधिकरण ने फिलहाल वसूली नोटिस पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।          


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