- कब तक ‘धीमा जहर’ पिलाएगा जलदाय विभाग, आखिर जवाबदेही किसकी?
- शिकायतों के बाद भी समाधान शून्य, क्या प्रशासन को नहीं दिख रहा मोहल्ले वासियों का दर्द?
- आशा किशन गुर्जर
पीपलू/टोंक (सच्चा सागर)। एक तरफ सरकार ‘हर घर जल’ का नारा बुलंद कर रही है, वहीं दूसरी ओर पीपलू के नयागांव रोड स्थित मोहल्ले में हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। यहाँ पिछले दो महीनों से नलों के जरिए पानी नहीं, बल्कि ‘बीमारियों का काल’ सप्लाई किया जा रहा है। हद तो यह है कि हर दो दिन के इंतज़ार के बाद मात्र 15 मिनट के लिए पानी आता है, और वह भी इतना गंदा कि उसे देखना तक दूभर है। मटमैला और बदबूदार पानी देखकर ही मितली आने लगती है, लेकिन इलाके के लोग इसे पीने और इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। बदबूदार और मटमैले पानी की वजह से स्थानीय निवासी न केवल परेशान हैं, बल्कि गंभीर बीमारियों के साये में जीने को मजबूर हैं।
अधिकारियों को फुर्सत नहीं, जनता बेहाल
मोहल्ले वासियों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। लिखित और मौखिक शिकायतों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। दो महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी समस्या का कोई समाधान न होना प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है।
मजबूरी में पी रहे गंदा पानी
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बाल्टियों में भरा पानी पीने लायक तो दूर, नहाने या कपड़े धोने के योग्य भी नहीं है। मोहल्ले वासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है नया गांव रोड स्थित मोहल्ले में गोविंद नारायण योगी के मकान से नंदा जोशी के मकान तक नलों गंदा पानी ‘दो महीने से हम यह नरकीय जीवन जी रहे हैं। बाल्टियों में कीचड़ जैसा पानी आ रहा है। बच्चों की सेहत बिगड़ रही है, लेकिन साहब लोग दफ्तरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं। अगर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।’
तस्वीरें बयां कर रही हैं खौफनाक मंजर
मौके से प्राप्त तस्वीरें (बाल्टी में भरा पानी) सा$फ दर्शाती हैं कि पानी में मिट्टी और भारी गंदगी घुली हुई है। दूषित पानी के लगातार सेवन से क्षेत्र में उल्टी-दस्त, पेट दर्द और चर्म रोगों का खतरा बढ़ गया है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह पानी किसी ‘धीमे जहर’ से कम नहीं है। मोहल्ले वालों ने जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से मांग की है कि पाइपलाइन की लीकेज या अन्य तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जाए ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके और नल सप्लाई टाइम 15 मिनट से बढ़ाकर 1 घंटे किया जाए।
इनका कहना
‘मेरे पास यह मामला पहले नहीं आया था, मैं अब इसे तुरंत चेक करवाती हूँ। मैंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया है। जनता की शिकायत पर जिन भी कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्यवाही की जाएगी।’
- तारा स्वामी, सहायक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पीपलू
