शोभायात्रा निकली, छेज नृत्य व धार्मिक अनुष्ठानों से गूंजा माहौल
निवाई (सच्चा सागर)। पूज्य सिंधी समाज के तत्वावधान में भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। चैत्र शुक्ल द्वितीया तिथि को भगवान झूलेलाल ने हिंदुओं की रक्षा के लिए सिंध प्रांत में अवतार लिया था। चेटीचंड का अर्थ है चैत्र मास का चांद। पूज्य पंचायत सिंधी समाज के अध्यक्ष दिलीप इसरानी ने बताया कि झूलेलाल मंदिर में शुक्रवार सुबह भगवान झूलेलाल का पंचामृत अभिषेक कर नवीन वस्त्र धारण कराए गए। ऋतु पुष्पों से भगवान का श्रृंगार करके मीठे चावल, छोले व हलवे का भोग लगाकर मंदिर के शिखर पर लाल रंग की ध्वजा फहराई गई। सिंधी समाज के युवक युवतियों ने शहनाई की धुन व ढोल की ताल पर सिंधी लोक नृत्य छेज की प्रस्तुतियां दी। चेटीचंड के अवसर पर बच्चों के मुंडन संस्कार का कार्यक्रम संपन्न हुए। झूलेलाल की पूजा-अर्चना के बाद शाम 4 बजे शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में संत मंडली व समाज के लोग नाचते गाते चल रहे थे। शोभायात्रा झूलेलाल मंदिर से रवाना होकर शहर के मुख्य बाजार से होते हुए भरकुआं तालाब पर पहुंची। जहां विसर्जन किया गया। समाज सेविका योग्यता इसरानी ने बताया कि कार्यक्रम की व्यवस्था नवयुवक मंडल एवं महिला कोर ग्रुप द्वारा की गई। सिंधी समाज के उपाध्यक्ष राजकुमार करनाणी ने बताया कि समारोह में प्रतिभावान बच्चों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर नवयुवक मंडल अध्यक्ष महेंद्र मेठवानी, उपाध्यक्ष सुरेश डासवानी, हेमन फुलवानी, शीतलदास इसरानी, धर्मेंद्र मेठवानी, ताराचंद नेभाणी, कविता मयूरा, ऋचा, कायरा, वर्षा, सानिया व मधु चार्वी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
