ग्राम विकास अधिकारियों का ग्राम सभा बहिष्कार, शॉर्ट नोटिस पर जताया विरोध

- भगवान गौतम

रानोली (सच्चा सागर)। पंचायत मुख्यालय पर आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं का ग्राम विकास अधिकारियों ने बहिष्कार कर दिया है। एक ओर राज्य सरकार वर्ष 2047 तक गांवों के विकास के लिए विकसित ग्राम अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर जमीनी स्तर पर असंतोष नजर आ रहा है। सरकार द्वारा 20 मार्च को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश दिए गए, लेकिन राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ ने शॉर्ट नोटिस में बुलाई गई इस सभा का विरोध करते हुए बहिष्कार का ऐलान किया। ग्राम विकास अधिकारी अंबालाल गुर्जर, सूर्यकांत प्रजापत और नितेश शर्मा ने बताया कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 8 के अनुसार विशेष ग्राम सभा के लिए कम से कम तीन दिन पूर्व एजेंडा जारी करना अनिवार्य है। जबकि सरकार ने 19 मार्च को आदेश जारी कर 20 मार्च को ही सभा बुला ली, जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने बताया कि कम समय में न तो आवश्यक तैयारियां संभव हैं और न ही ग्रामीणों को सूचना देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। ग्राम सभा के लिए 10 प्रतिशत मतदाताओं की उपस्थिति अनिवार्य होती है, ऐसे में बिना प्रचार-प्रसार के कोरम पूरा होना मुश्किल है। बिना कोरम के पारित प्रस्ताव भी अवैध माने जाएंगे।  


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