टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। जिला प्रशासन एवं उपवन संरक्षक टोंक के सहयोग से ‘पंच गौरव’ एक जिला एक वनस्पति प्रजाति अमलतास के संरक्षण, संवर्धन और सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और औषधीय महत्व पर जनजागृति और कार्यशाला का आयोजन अविकानगर, मालपुरा (टोंक) किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण कुमार तोमर, निदेशक सीएसडब्ल्यूआरआई विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सुमित नथानी, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर, देवेन्द्र कुमार भारद्वाज सेवानिवृत्त उपवन संरक्षक एवं अध्यक्ष दादू पर्यावरण संस्थान टोंक उपस्थित रहें, वहीं अध्यक्षता वीरेन्द्र सिंह कृष्णिका, उपवन संरक्षक टोंक ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदे के तिलक वन्दन एवं माल्यार्पण से किया गया। इस मौके पर दादू पर्यावरण संस्थान एवं साहित्य मंच-टोड़ारायसिंह द्वारा सभी अतिथियों का शाल ओढ़ाकर कर प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वीरेन्द्र सिंह कृष्णिका ने स्वागत उद्बोधन देकर कार्यशाला के तहत अमलतास वनस्पति का परिचय एवं महत्व बताया गया। गिरधर सिंह, मुख्य वक्ता एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य, मालपुरा द्वारा अमलतास वनस्पति के प्रत्येक भाग का महत्व बताते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया। मदन लाल एवं नूर मोहम्मद टीम द्वारा लघु नाटिका एवं कठपुतली नृत्य प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा उद्बोधन में अमलतास वनस्पति प्रजाति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपने संस्थान में अब तक किए गए पौधारोपण के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में कोई भी संस्था पौधे लगाए हम उनकी देखभाल हम करेंगे। देवेन्द्र भारद्वाज, अध्यक्ष दादू पर्यावरण संस्थान ने सभागार में मौजूद विद्यार्थियों से अमलतास वनस्पति पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। मौके पर सही उत्तर देने वाले को पुरस्कार प्रदान किया गया। इस दौरान सेवा भारती समिति टोडा रायसिंह अध्यक्ष आशीष विजयवर्गीय एण्ड पार्टी ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित, जीते भी लकड़ी, मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का पर शानदार प्रस्तुति दी। प्रोफेसर सुमित नथानी द्वारा अमलतास वनस्पति का औषधीय महत्व पर प्रकाश डाला गया। साहित्य मंच टोड़ारायसिंह की प्रेरणा से उड़ान समूह की बालिकाओं द्वारा अमलतास संरक्षण, संवर्धन एवं जन जागरुकता पर आधारित जोरदार लघु नाटिका प्रस्तुत सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री दादू पर्यावरण संस्थान टोंक एवं साहित्य मंच टोड़ारायसिंह के सहयोग से अमलतास वनस्पति संरक्षण, संवर्धन हेतु स्कूली विद्यार्थियों से निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई। निबंध लेखन में सरोज कुमारी बैरवा, टोड़ारायसिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में दिनेश बुनकर, निवासी डिग्गी, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, टोडा रायसिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अतिथियों द्वारा सभी विजेताओं का मंच पर प्रमाण पत्र, नकद पुरस्कार एवं पानी की बोतल भेंट कर सम्मानित किया गया। ऐतिहासिक नगरी टोड़ारायसिंह के ख्याति प्राप्त कलमकार, चित्रकार एवं साहित्य मंच के वरिष्ठ सदस्य हरिराम गौड़ द्वारा अरुण कुमार तोमर को हस्त निर्मित महात्मा गांधी की तस्वीर भेंट की गई। कार्यक्रम के दौरान उनियारा टीम द्वारा शानदार वाद्ययंत्रों एवं स्वयं की अभिव्यक्ति से दंगल प्रस्तुत किया। समापन पर अनुराग महर्षि, सहायक वन संरक्षक टोंक द्वारा सभी का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई। जानें माने ख्याति प्राप्त राष्ट्रीय कवि प्रदीप पंवार, टोंक द्वारा शानदार मंच संचालन किया गया। कार्यक्रम में महावीर मीणा, पर्यावरणविद, शिवराज कुर्मी संयोजक साहित्य मंच टोड़ारायसिंह, भगवान, दिलखुश, सत्यनारायण धाकड़, हरिराम गौड़, आशीष विजयवर्गीय एवं स्कूली विद्यार्थी सहित आमजन मौजूद रहे।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। जिला प्रशासन एवं उपवन संरक्षक टोंक के सहयोग से ‘पंच गौरव’ एक जिला एक वनस्पति प्रजाति अमलतास के संरक्षण, संवर्धन और सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और औषधीय महत्व पर जनजागृति और कार्यशाला का आयोजन अविकानगर, मालपुरा (टोंक) किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण कुमार तोमर, निदेशक सीएसडब्ल्यूआरआई विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सुमित नथानी, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर, देवेन्द्र कुमार भारद्वाज सेवानिवृत्त उपवन संरक्षक एवं अध्यक्ष दादू पर्यावरण संस्थान टोंक उपस्थित रहें, वहीं अध्यक्षता वीरेन्द्र सिंह कृष्णिका, उपवन संरक्षक टोंक ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदे के तिलक वन्दन एवं माल्यार्पण से किया गया। इस मौके पर दादू पर्यावरण संस्थान एवं साहित्य मंच-टोड़ारायसिंह द्वारा सभी अतिथियों का शाल ओढ़ाकर कर प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वीरेन्द्र सिंह कृष्णिका ने स्वागत उद्बोधन देकर कार्यशाला के तहत अमलतास वनस्पति का परिचय एवं महत्व बताया गया। गिरधर सिंह, मुख्य वक्ता एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य, मालपुरा द्वारा अमलतास वनस्पति के प्रत्येक भाग का महत्व बताते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया। मदन लाल एवं नूर मोहम्मद टीम द्वारा लघु नाटिका एवं कठपुतली नृत्य प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा उद्बोधन में अमलतास वनस्पति प्रजाति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपने संस्थान में अब तक किए गए पौधारोपण के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में कोई भी संस्था पौधे लगाए हम उनकी देखभाल हम करेंगे। देवेन्द्र भारद्वाज, अध्यक्ष दादू पर्यावरण संस्थान ने सभागार में मौजूद विद्यार्थियों से अमलतास वनस्पति पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। मौके पर सही उत्तर देने वाले को पुरस्कार प्रदान किया गया। इस दौरान सेवा भारती समिति टोडा रायसिंह अध्यक्ष आशीष विजयवर्गीय एण्ड पार्टी ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित, जीते भी लकड़ी, मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का पर शानदार प्रस्तुति दी। प्रोफेसर सुमित नथानी द्वारा अमलतास वनस्पति का औषधीय महत्व पर प्रकाश डाला गया। साहित्य मंच टोड़ारायसिंह की प्रेरणा से उड़ान समूह की बालिकाओं द्वारा अमलतास संरक्षण, संवर्धन एवं जन जागरुकता पर आधारित जोरदार लघु नाटिका प्रस्तुत सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री दादू पर्यावरण संस्थान टोंक एवं साहित्य मंच टोड़ारायसिंह के सहयोग से अमलतास वनस्पति संरक्षण, संवर्धन हेतु स्कूली विद्यार्थियों से निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई। निबंध लेखन में सरोज कुमारी बैरवा, टोड़ारायसिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में दिनेश बुनकर, निवासी डिग्गी, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, टोडा रायसिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अतिथियों द्वारा सभी विजेताओं का मंच पर प्रमाण पत्र, नकद पुरस्कार एवं पानी की बोतल भेंट कर सम्मानित किया गया। ऐतिहासिक नगरी टोड़ारायसिंह के ख्याति प्राप्त कलमकार, चित्रकार एवं साहित्य मंच के वरिष्ठ सदस्य हरिराम गौड़ द्वारा अरुण कुमार तोमर को हस्त निर्मित महात्मा गांधी की तस्वीर भेंट की गई। कार्यक्रम के दौरान उनियारा टीम द्वारा शानदार वाद्ययंत्रों एवं स्वयं की अभिव्यक्ति से दंगल प्रस्तुत किया। समापन पर अनुराग महर्षि, सहायक वन संरक्षक टोंक द्वारा सभी का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई। जानें माने ख्याति प्राप्त राष्ट्रीय कवि प्रदीप पंवार, टोंक द्वारा शानदार मंच संचालन किया गया। कार्यक्रम में महावीर मीणा, पर्यावरणविद, शिवराज कुर्मी संयोजक साहित्य मंच टोड़ारायसिंह, भगवान, दिलखुश, सत्यनारायण धाकड़, हरिराम गौड़, आशीष विजयवर्गीय एवं स्कूली विद्यार्थी सहित आमजन मौजूद रहे।
