(सच्चा सागर )देवनारायण मंदिर ट्रस्ट विवाद पर देवस्थान विभाग का बड़ा फैसला देवलाल गुट का दावा खारिज, नरेश गुर्जर को मिली वैधता मेले से पहले सुलझा देवधाम जोधपुरिया का लंबा विवाद

 देवनारायण मंदिर ट्रस्ट विवाद पर देवस्थान विभाग का बड़ा फैसला

देवलाल गुट का दावा खारिज, नरेश गुर्जर को मिली वैधता

मेले से पहले सुलझा देवधाम जोधपुरिया का लंबा विवाद


निवाई।(सच्चा सागर )


देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवधाम जोधपुरिया को लेकर लंबे समय से चल रहा प्रन्यासी परिवर्तन और कार्यकारिणी विवाद देवस्थान विभाग अजमेर खंड के फैसले के बाद काफी हद तक साफ हो गया है।सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग अजमेर गिरीश कुमार बचानी ने दो अलग-अलग प्रकरणों में आदेश पारित करते हुए नियमों की अनदेखी कर लिए गए निर्णयों को अमान्य करार दिया है।प्रकरण संख्या 69/टोंक/2025 में सहायक आयुक्त ने देवलाल गुर्जर गुट द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र-8 को निरस्त करते हुए नरेश गुर्जर गुट की आपत्तियों को स्वीकार किया।आदेश में कहा गया कि देवलाल गुर्जर द्वारा अध्यक्ष बनने के आधार में बताई गई 24 अक्टूबर 2025 की साधारण सभा विधिसम्मत नहीं पाई गई। बैठक के आयोजन,आम सूचना, निर्वाचन तिथि, चुनाव अधिकारी की नियुक्ति अथवा विधिवत चुनाव कार्यक्रम से जुड़े कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किए गए।इसके विपरीत नरेश गुर्जर गुट द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र-8 के साथ 12 अक्टूबर 2025 की साधारण सभा, 26 अक्टूबर 2025 को कराए गए चुनाव,चुनाव अधिकारी की नियुक्ति और प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित सूचना के प्रमाण पाए गए।नायब तहसीलदार निवाई और पुलिस उपाधीक्षक निवाई की रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई कि 26 अक्टूबर को ट्रस्ट की आमसभा में आसपास की तहसीलों और जिलों से करीब 4 से 5 हजार लोगों की उपस्थिति में चुनाव संपन्न हुए,जिसमें नरेश गुर्जर अध्यक्ष चुने गए।आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि देवलाल गुर्जर स्वयं 26 अक्टूबर 2025 को नरेश गुर्जर के पक्ष में सहमति जताते हुए दिखाई देते हैं, जिसका प्रमाण पेन ड्राइव के रूप में रिकॉर्ड पर मौजूद है।वहीं प्रकरण संख्या 21/टोंक/2025 में तत्कालीन अध्यक्ष फूलचंद लागडी द्वारा प्रन्यास विधान संशोधन और कार्यकारिणी का कार्यकाल बढ़ाने के प्रयास को भी देवस्थान विभाग ने खारिज कर दिया।विभाग ने माना कि साधारण सभा के नाम पर हुई बैठकें वास्तव में मासिक बैठकें थीं और कार्यकारिणी ने अपने ही कार्यकाल को बढ़ाने की मंशा से संशोधन किए,जो प्रन्यास हित में नहीं थे।देवस्थान विभाग ने आगामी जनवरी माह में देवधाम जोधपुरिया में लगने वाले मेले को ध्यान में रखते हुए इन विवादों के शीघ्र निस्तारण को आवश्यक बताया। आदेशों के बाद देवनारायण मंदिर ट्रस्ट को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद अब सुलझता गया ।

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निवाई।

देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवधाम जोधपुरिया से जुड़े प्रन्यासी परिवर्तन और कार्यकारिणी विवाद पर देवस्थान विभाग अजमेर खंड के फैसले के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद में सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग अजमेर गिरीश कुमार बचानी ने दो अलग-अलग प्रकरणों में अहम आदेश पारित करते हुए नियमों की अनदेखी में लिए गए निर्णयों को अमान्य घोषित किया है।


प्रकरण संख्या 69/टोंक/2025 में सहायक आयुक्त ने देवलाल गुर्जर गुट द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र-8 को निरस्त कर दिया, जबकि नरेश गुर्जर गुट की ओर से दर्ज आपत्तियों को स्वीकार किया गया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि देवलाल गुर्जर द्वारा अध्यक्ष बनने के आधार में दर्शाई गई 24 अक्टूबर 2025 की साधारण सभा विधिसम्मत नहीं पाई गई। बैठक आयोजन, आम सूचना, निर्वाचन तिथि, चुनाव अधिकारी की नियुक्ति अथवा विधिवत चुनाव कार्यक्रम से संबंधित कोई भी प्रमाण रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किया गया।


इसके विपरीत, नरेश गुर्जर गुट द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र-8 के साथ 12 अक्टूबर 2025 की साधारण सभा, 26 अक्टूबर 2025 को संपन्न हुए चुनाव, चुनाव अधिकारी की नियुक्ति तथा प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित सूचनाओं के प्रमाण उपलब्ध पाए गए। नायब तहसीलदार निवाई और पुलिस उपाधीक्षक निवाई की रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई कि 26 अक्टूबर को आयोजित आमसभा में आसपास की तहसीलों व जिलों से करीब 4 से 5 हजार लोगों की उपस्थिति में चुनाव संपन्न हुए, जिसमें नरेश गुर्जर अध्यक्ष निर्वाचित हुए।


आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि देवलाल गुर्जर स्वयं 26 अक्टूबर 2025 को नरेश गुर्जर के पक्ष में सहमति जताते हुए नजर आए, जिसका प्रमाण पेन ड्राइव के रूप में रिकॉर्ड पर मौजूद है।


वहीं प्रकरण संख्या 21/टोंक/2025 में तत्कालीन अध्यक्ष फूलचंद लागडी द्वारा प्रन्यास विधान में संशोधन और कार्यकारिणी का कार्यकाल बढ़ाने के प्रयास को भी देवस्थान विभाग ने खारिज कर दिया। विभाग ने माना कि साधारण सभा के नाम पर की गई बैठकें वास्तव में मासिक बैठकें थीं और कार्यकारिणी ने अपने ही कार्यकाल को बढ़ाने की मंशा से संशोधन किए, जो प्रन्यास हित में नहीं थे।


देवस्थान विभाग ने आगामी जनवरी माह में देवधाम जोधपुरिया में आयोजित होने वाले मेले को ध्यान में रखते हुए इन विवादों के शीघ्र निस्तारण को आवश्यक बताया है। इन आदेशों के बाद देवनारायण मंदिर ट्रस्ट को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद अब सुलझता हुआ नजर आ रहा है।

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