प्रभु स्मृति धाम मानव कल्याण की दिशा में सशक्त प्रकाश स्तंभ बनेगा : बीके सुषमा
सुभाष नगर टोंक में ब्रह्माकुमारीज प्रभु स्मृति धाम का ऐतिहासिक एवं भव्य लोकार्पण
टोंक। (सच्चा सागर )प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय शाखा टोंक द्वारा सुभाष नगर में नवनिर्मित प्रभु स्मृति धाम का भव्य उद्घाटन अत्यंत श्रद्धा, शांति एवं आध्यात्मिक उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उद्घाटन जयपुर सब जोन इंचार्ज राजयोगिनी बीके सुषमा दीदी, राजयोगिनी बीके चंद्रकला दीदी, पूर्व नगर परिषद सभापति लक्ष्मी जैन तथा जर्मनी से आई सिस्टर पेट्रा के कर कमलों से हुआ। इस ऐतिहासिक लोकार्पण समारोह में जिले भर से सैकड़ों श्रद्धालु एवं संस्थान से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ परमात्म ध्यान राजयोग से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण दिव्यता एवं शांति से परिपूर्ण हो गया। इसके पश्चात फीता काटकर प्रभु स्मृति धाम का विधिवत उद्घाटन किया गया तथा दीप प्रज्वलन किया गया। नन्हीं कुमारियों द्वारा दी गई विभिन्न मनमोहक प्रस्तुतियों व नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर राजयोगिनी बीके सुषमा दीदी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि प्रभु स्मृति धाम मानव कल्याण की दिशा में एक सशक्त प्रकाश स्तंभ सिद्ध होगा। यहां से अनेक आत्माओं के जीवन में स्थायी सुख, शांति एवं खुशी का संचार होगा। यह धाम केवल ईंट-पत्थर से निर्मित भवन नहीं, बल्कि सैकड़ों श्रेष्ठ योगियों के पवित्र एवं दिव्य संकल्पों से साकार हुआ एक आध्यात्मिक तीर्थ है। उन्होंने टोंक में ईश्वरीय सेवाओं की शुरुआत से लेकर अब तक के सेवा कार्यों का सारगर्भित वर्णन किया। जयपुर वैशाली नगर प्रभारी राजयोगिनी बीके चंद्रकला दीदी ने कहा कि सत्यता का तप हमारी श्रेष्ठ भावनाओं को दृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मानव के मन में ईश्वरीय प्रेम एवं पवित्रता की ज्योति प्रज्वलित कर सुख-शांति की दुनिया का निर्माण करना ही हमारा लक्ष्य है। समारोह में पूर्व सभापति लक्ष्मी जैन ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा निर्मित यह प्रभु स्मृति धाम शांति, सद्भाव एवं सकारात्मकता का प्रतीक बनेगा तथा समाज को नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि संसार में रहते हुए ऐसे कार्य करने चाहिए, जिससे आने वाली पीढिय़ों को भी प्रेरणा मिलती रहे। जर्मनी से पधारी सिस्टर पेट्रा ने कहा कि भारत एक पवित्र एवं महान देश है, जहां से संपूर्ण विश्व को आध्यात्मिक दिशा मिलती है। उन्होंने अपने राजयोगी जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि 46 वर्ष पूर्व मुझे यह ईश्वरीय ज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा प्राप्त हुई, तभी से में नियमित राजयोग का अभ्यास कर रही हैं। इससे न केवल हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया, बल्कि हमारा जीवन ही आध्यात्मिक शक्ति से भरपूर हो गया है। मन में स्थिरता आई है तथा बुद्धि शुद्ध और पवित्र बनी है। स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभु स्मृति धाम टोंक जिले के आध्यात्मिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए समाज को शांति, प्रेम एवं आत्मिक जागृति की ओर प्रेरित करेगा। कार्यक्रम के दौरान रुक्मणि माता जी का 90वां तथा कमलेश बहन एवं लल्ली माता जी का 86वां जन्मोत्सव केक काटकर अत्यंत सादगी एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर माताजी द्वारा ब्रह्माकुमारी दीदियों का सम्मान किया गया तथा दीदियों ने भी माताजी को ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर देवली सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी निर्मल दीदी, चौथ का बरवाड़ा सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी बीना दीदी, टोड़ारायसिंह सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी पूनम दीदी, निवाई सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी रेखा दीदी, बनेठा सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अनीता दीदी, ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी, ब्रह्माकुमारी गुंजन दीदी सहित जिले भर से संस्थान से जुड़े सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।
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