जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने राजीविका की दीदीयों से किया संवाद
‘दीदीज विद डीएम’ कार्यक्रम में उभरीं आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां
टोंक।* जिले में सोमवार को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली, जब जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने ‘दीदीज विद डीएम’ कार्यक्रम के अंतर्गत राजीविका विभाग द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों की दीदीयों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने समूह की महिलाओं से सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष, परिश्रम और सफलता की कहानियों को नजदीक से जाना। संवाद के दौरान पिंकी शर्मा, शबनम बानो, लतिफुनिशा एवं पूजा सैनी ने राजीविका से जुडक़र अपनी आजीविका को सशक्त बनाने के अनुभव सांझा किए। दीदीयों ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने सीमित संसाधनों और साधारण शुरुआत से आगे बढ़ते हुए आज स्वयं को सफल महिला उद्यमियों के रूप में स्थापित किया है। दीदीयों द्वारा साझा की गई उपलब्धियों ने यह सिद्ध कर दिया कि महिलाएं अवसर मिलने पर आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की भी सशक्त वाहक बन सकती हैं। इस अवसर पर पिंकी शर्मा की सफलता कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायी रही। वर्ष 2016 में एक साधारण गृहिणी के रूप में अपने सफर की शुरुआत करने वाली पिंकी शर्मा ने राजीविका से मिले प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के बल पर आज मसाला उत्पाद निर्माण, बाजरे से बने पौष्टिक बिस्किटों के उत्पादन के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र, गुलाबी नगरी जयपुर में ‘दीदी की कैंटीन’ का सफल संचालन कर रही हैं। उनकी इकाइयां न केवल स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को रोजगार से जोडक़र महिला उद्यमिता की सशक्त मिसाल भी बन चुकी हैं। वहीं लतिफुनिशा एवं पूजा सैनी द्वारा तैयार किए जा रहे आर्गेनिक एवं हर्बल साबुन पर्यावरण-अनुकूल, रसायन-मुक्त और स्वास्थ्यवर्धक होने के कारण बाज़ार में विशेष पहचान बना रहे हैं। इसके अतिरिक्त शबनम बानो द्वारा निर्मित शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण मसाला उत्पाद स्थानीय बाज़ार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने ‘दीदीज विद डीएम’ कार्यक्रम के तहत दीदीयों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘राजीविका से जुड़ी दीदीयां आज आत्मविश्वास, कौशल और परिश्रम के बल पर सफल उद्यमी बन रही हैं। पिंकी शर्मा, शबनम बानो, लतिफुनिशा और पूजा सैनी जैसी महिलाएं यह प्रमाण हैं कि सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर वास्तविक और स्थायी बदलाव ला रही हैं। ‘उन्होंने दीदीयों को उत्पाद गुणवत्ता, ब्रांडिंग, विपणन, नवाचार एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुडऩे के लिए प्रेरित किया तथा आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन सदैव उनके साथ खड़ा है। संवाद कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं राजीविका डीपीएम ललित कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला कलेक्टर ने सफल स्वयं सहायता समूह की दीदीयों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ‘दीदीज विथ डीएम’ कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक सशक्त और प्रभावी मंच के रूप में उभर रहा है।
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