सरसों की फसल पर सुअरों का हमला, किसान बेहाल
30 दिसंबर को जयपुर कूच, 50 हजार किसानों की हुंकार रैली का ऐलान
निवाई (टोंक)। क्षेत्र में सरसों की फसल को सुअरों द्वारा लगातार बर्बाद किए जाने से किसानों में भारी आक्रोश है। तार जाली लगाए जाने के बावजूद सुअर फसलों को नष्ट कर रहे हैं, जिससे अन्नदाताओं की आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।किसान महापंचायत के युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने बताया कि ज़िला कलेक्टर टोंक से लिखित सहमति होने के बावजूद भी सुअरों से फसल बर्बादी पर रोक नहीं लग पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और अधिकारी केवल कागज़ी कार्यवाही कर वाहवाही लूट रहे हैं, जबकि धरातल पर किसानों को कोई राहत नहीं मिल रही।
चौधरी ने कहा कि किसानों को न तो फसल का उचित दाम मिल रहा है, न समय पर यूरिया-डीएपी खाद, न दिन में बिजली और न ही नहरों से सिंचाई का पानी। कड़ी मेहनत से खड़ी की गई फसल को सुअरों द्वारा नष्ट कर देना किसानों के लिए दोहरी मार साबित हो रहा है।उन्होंने चिंता जताई कि बैंकों और साहूकारों से लिया गया ऋण कैसे चुकाया जाएगा, बच्चों की शिक्षा और पारिवारिक विवाह जैसे खर्च कहां से पूरे होंगे। वहीं सरकार उद्योगपतियों के नुकसान को एनपीए में डालकर उन्हें पुनः ऋण उपलब्ध कराती है, लेकिन किसान को कोई संरक्षण नहीं मिलता।कोरोना काल के बाद क्षेत्र में सुअरों की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। इसे लेकर किसान महापंचायत ने सरकार से निवाई खंड में प्रयोग के तौर पर आखेट (शिकार) की अनुमति देने की मांग की है।इन्हीं मांगों को लेकर 30 दिसंबर 2025 को जयपुर कूच का आह्वान किया गया है। शिप्रा पंथ थाना, मानसरोवर जयपुर में आयोजित होने वाली अन्नदाता हुंकार रैली में प्रदेशभर से करीब 50 हजार किसान शामिल होंगे।किसान महापंचायत ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
