फागी बना सामाजिक समरसता का साक्षी : 51 जोड़े बंधे वैवाहिक बंधन में
फागी (सच्चा सागर)। फागी उपखंड मुख्यालय स्थित बीसलपुर रोड़ पर जय मीनेश महाविद्यालय परिसर में मीणा समाज का 16वां नि:शुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन शुक्रवार को भव्यता के साथ संपन्न हुआ। पीपल पूर्णिमा के अबूझ सावे पर आयोजित इस समारोह में 51 जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने शिरकत कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
‘सामूहिक विवाह सामाजिक सुधार का प्रभावी माध्यम’
राज्यपाल बागड़े ने अपने संबोधन में कहा कि विवाह भारतीय संस्कृति का एक पवित्र संस्कार है, जिसे पूरी दुनिया सम्मान की दृष्टि से देखती है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम हैं।
भामाशाहों का सहयोग, नवदंपतियों को मिला संबल
समिति अध्यक्ष रामराय मीणा (डाबिच) एवं संरक्षक केसी घुमरिया ने बताया कि समाज के भामाशाहों ने नवविवाहित जोड़ों को विभिन्न उपयोगी उपहार भेंट किए। इनमें वस्त्र, आभूषण, घरेलू उपकरण और दैनिक जरूरत का सामान शामिल रहा, जिससे नवदंपतियों को नई शुरुआत में सहारा मिला।
हजारों लोग बने साक्षी
समारोह में जयपुर सहित प्रदेशभर और अन्य राज्यों से हजारों समाजबंधु पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन व पुलिस का विशेष इंतजाम रहा।
2005 से अब तक 822 जोड़ों का विवाह
मीणा समाज के इस सामूहिक विवाह सम्मेलन की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। तब से अब तक 16 आयोजनों में कुल 822 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। इस वर्ष का आयोजन विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। यह आयोजन एक बार फिर साबित कर गया कि सामाजिक सहयोग और सामूहिक प्रयास से परंपरा के साथ-साथ प्रगति की राह को मजबूती दी जा सकती है।
