करोड़ों की सडक़ बनी आफत : अधूरा निर्माण, धूल-कीचड़ और हादसों से जनता बेहाल


लांबाहरिसिंह (सच्चा सागर)।
क्षेत्र में केंद्रीय सडक़ अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) और सेतु बंधन योजना के तहत करोड़ों रुपए की लागत से चल रहा सडक़ निर्माण कार्य आमजन के लिए राहत के बजाय मुसीबत बन गया है। करीब 86 करोड़ रुपए की लागत से 38.5 किलोमीटर लंबी सडक़ के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य पिछले डेढ़ साल से अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्रवासियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड मोरला से नगर पालिका भवन तक 14 मीटर चौड़ी सीसी सडक़ तो बना दी गई, लेकिन नालों का निर्माण नहीं होने से घरों का गंदा पानी सडक़ किनारे गड्ढों में भर रहा है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय निवासी पवन कुमार पांडे ने बताया कि हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है और बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। वहीं मुख्य बस स्टैंड से केकड़ी रोड तक आबादी क्षेत्र में सडक़ खुदी पड़ी है, जिससे दिनभर उड़ती धूल ने दुकानदारों और घरों की स्थिति खराब कर दी है। धूल और गंदगी के कारण लोगों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। सडक़ किनारे पड़े मिट्टी के ढेर और अधूरे कट के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। सीआरआईएफ योजना के तहत 25 करोड़ की लागत से बन रही 7 मीटर चौड़ी सडक़ (देवल-झाड़ली मार्ग) और 58.59 करोड़ की लागत से बन रही 25 किलोमीटर लंबी लांबाहरिसिंह-नगर सडक़ दोनों ही धीमी गति से चल रही हैं। निर्माण कार्य की सुस्ती से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कस्बेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर सडक़ को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।

इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के एईएन लोकेश मीणा ने बताया कि जहां-जहां अतिक्रमण बाधा बन रहा है, उसे हटाकर जल्द ही कार्य को गति दी जाएगी।   


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